पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले एक नया राजनीतिक विवाद सामने आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दो वीडियो शेयर करते हुए यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इन वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर डांसर्स के बीच नाचते और उत्सव जैसे माहौल में देखा जा रहा है। महुआ मोइत्रा ने इन वीडियो को शेयर करते हुए तंज भरे शब्दों में टिप्पणी की, जिससे यह मामला तेजी से राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक किसी आधिकारिक स्रोत से नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
महुआ मोइत्रा का तीखा हमला और पोस्ट का लहजा
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में आईपीएस अधिकारी पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि उन्हें “फेयर एंड लवली बाबुआ” कहकर संबोधित किया गया और उनके व्यवहार पर व्यंग्य किया गया। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि “फेंटा कॉप स्टाइल में मस्ती” जैसी टिप्पणियां की गईं। इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य पोस्ट में भी इसी अधिकारी पर निशाना साधते हुए तीखे शब्दों का प्रयोग किया। महुआ के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। यह पूरा मामला अब सिर्फ एक वीडियो विवाद नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
IPS अजय पाल शर्मा की पहचान और पृष्ठभूमि
आईपीएस अजय पाल शर्मा को यूपी कैडर के एक सख्त और प्रभावी पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्हें चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है, जहां वह आगामी चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। वे अपने कार्यकाल के दौरान कई बार सख्त बयान और पुलिसिंग शैली को लेकर चर्चा में रहे हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें वे अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त चेतावनी देते हुए नजर आए थे। इसी कारण उन्हें मीडिया और सोशल मीडिया पर “एनकाउंटर स्पेशलिस्ट” के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि, उनके वायरल वीडियो को लेकर अब तक आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
चुनावी असर की संभावना
बंगाल चुनाव के मद्देनजर यह पूरा मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह के वीडियो और आरोप-प्रत्यारोप चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर रहे हैं। टीएमसी और विपक्षी दलों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, और इस नए विवाद ने इसे और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे वीडियो और पोस्ट चुनावी नैरेटिव को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में सच्चाई क्या है, यह जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, यह विवाद राजनीतिक बहस और जनचर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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