आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद स्वाति मालीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया है, जिससे दिल्ली की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। मंगलवार, 28 अप्रैल को उन्होंने औपचारिक रूप से बीजेपी ज्वाइन की और इस दौरान अपने फैसले को लेकर खुलकर बात की। मालीवाल ने साफ कहा कि वह किसी दबाव या मजबूरी में नहीं, बल्कि अपनी सोच और विश्वास के आधार पर बीजेपी में शामिल हुई हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय से वह बीजेपी के कामकाज को करीब से देख रही थीं और उसी से प्रेरित होकर यह कदम उठाया है। उनके इस फैसले को राजनीतिक रूप से बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि वह पहले आम आदमी पार्टी की प्रमुख आवाजों में शामिल रही हैं।
प्रेरणा का कारण: मोदी और शाह के काम का असर
बीजेपी में शामिल होते ही Narendra Modi और Amit Shah की तारीफ करते हुए मालीवाल ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के काम ने उन्हें प्रभावित किया और यही वजह रही कि उन्होंने बीजेपी के साथ जुड़ने का निर्णय लिया। मालीवाल ने यह भी साझा किया कि जब वह दिल्ली महिला आयोग में काम कर रही थीं, तब उन्हें बीजेपी की ओर से सहयोग मिला था, जो उनके लिए सकारात्मक अनुभव रहा। उन्होंने इसे अपने निर्णय का एक अहम आधार बताया और कहा कि अब वह इस मंच के जरिए और बेहतर तरीके से काम करना चाहती हैं।
दिल्ली के लिए नई रणनीति
अपने नए राजनीतिक सफर को लेकर मालीवाल ने कहा कि वह दिल्ली के लिए पहले भी समर्पित थीं और आगे भी पूरी ईमानदारी से काम करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी की ताकत और संसाधनों के साथ मिलकर अब वह दिल्ली में ज्यादा प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगी। उन्होंने पिछले दस वर्षों की आम आदमी पार्टी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस दौरान कई स्तरों पर गड़बड़ियां और भ्रष्टाचार देखने को मिला है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा सरकार ने कुछ सुधार करने की कोशिश की है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है, जिसे मिलकर पूरा किया जाएगा। उनका कहना है कि अब उनका लक्ष्य दिल्ली के विकास को नई दिशा देना है।
‘ड्रामा की राजनीति से परेशान होकर छोड़ी पार्टी’
बीजेपी में शामिल होने के साथ ही मालीवाल ने Arvind Kejriwal पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को ड्रामा करने की आदत है और यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति से वह काफी समय से परेशान थीं, जिसमें न्याय व्यवस्था और प्रधानमंत्री जैसे पदों पर भी सवाल उठाए जाते हैं। मालीवाल ने कहा कि व्यक्तिगत हमलों और नकारात्मक राजनीति के माहौल से तंग आकर ही उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। उनका यह बयान आने वाले समय में दिल्ली की राजनीति को और अधिक गर्मा सकता है।
