पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद और तेज हो गया है। इस वीडियो में चुनाव ड्यूटी पर तैनात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा इलाके का निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने स्थानीय नेताओं को सख्त चेतावनी दी कि अगर वोटरों को डराने-धमकाने की कोशिश हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां चुनावी गतिविधियां चरम पर हैं और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
‘सिंघम’ बयान के बाद आया ‘पुष्पा’ जवाब
आईपीएस अधिकारी की सख्त चेतावनी के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान का बयान सामने आया, जिसने इस पूरे विवाद को और हवा दे दी। मीडिया से बातचीत में जहांगीर खान ने कहा, “अगर वो सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं… मैं झुकूंगा नहीं।” उनके इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जहांगीर खान ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और कुछ अधिकारी एक खास राजनीतिक दल के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह की जानकारी चाहिए थी तो स्थानीय प्रशासन से ली जा सकती थी, लेकिन सीधे दबाव बनाने की कोशिश गलत है।
कौन हैं जहांगीर खान?
जहांगीर खान पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक सक्रिय और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। इस बार वह फाल्टा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। बताया जा रहा है कि उन पर अपने क्षेत्र में वोटरों को प्रभावित करने और दबाव बनाने के आरोप लगे थे, जिसके बाद चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर अजय पाल शर्मा को तैनात किया। वायरल वीडियो में अधिकारी सख्त लहजे में कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कहते दिख रहे हैं। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
चुनाव आयोग और सियासी प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष रहना चाहिए, लेकिन कुछ फैसले सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। फिलहाल इस मामले ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। दूसरे चरण के मतदान से पहले इस तरह की बयानबाजी ने साफ कर दिया है कि चुनावी मुकाबला काफी तीखा होने वाला है।
