राजस्थान के बारां जिले के केलवाड़ा क्षेत्र से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने समाज में भरोसे और इंसानियत के वजूद पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां के मशहूर सीताबाड़ी मेले में घूमने आई एक युवती अचानक भीड़ में अपने परिवार से क्या बिछड़ी, उसकी पूरी जिंदगी ही बदल गई। बेबसी के आलम में जब वह अपनों को तलाश रही थी, तब मदद के नाम पर एक भेड़िए ने उसका रास्ता रोका। सुरक्षा का झांसा देकर उस शख्स ने युवती के साथ जो किया, उसकी दास्तान सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी। इस वारदात के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है और पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है।
भीड़ में छूटा हाथ, असमाजिक तत्वों के बीच ‘देवदूत’ बनकर आया शिकारी
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित युवती अपने परिवार के साथ 27 मई की रात को प्रसिद्ध सीताबाड़ी मेले की रौनक देखने पहुंची थी। मेले में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। इसी आपाधापी और भारी भीड़ के बीच अचानक युवती का हाथ अपने परिजनों से छूट गया। जब काफी देर तक घरवाले नहीं मिले, तो वह घबराकर रोने लगी। अकेली लड़की को रोता देख कुछ मनचलों और असमाजिक तत्वों ने उस पर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं। युवती खुद को असुरक्षित महसूस कर ही रही थी कि तभी वहां ‘प्रेम’ नाम का एक व्यक्ति मसीहा बनकर प्रकट हुआ। उसने बड़े ही अपनेपन से युवती के सिर पर हाथ रखा और कहा, “बेटी, चिंता मत करो, तुम्हारे घरवाले यहीं मिल जाएंगे। मैं तुम्हें उनके पास सुरक्षित पहुंचा देता हूँ।” बदहवास युवती इस मीठे जाल को भांप नहीं सकी और उसने उस अनजान शख्स पर भरोसा कर लिया।
शॉर्टकट रास्ते का दिया झांसा, सिलोरा के घने जंगलों में रातभर दीं यातनाएं
युवती का भरोसा जीतते ही आरोपी प्रेम ने उसे अपनी बाइक पर बैठा लिया। उसने कहा कि मुख्य रास्ते पर भीड़ ज्यादा है, इसलिए वह उसे एक शॉर्टकट रास्ते से लेकर चलेगा। लेकिन उसकी नीयत में खोट आ चुका था। वह बाइक को शहर की तरफ ले जाने के बजाय सिलोरा के घने और सुनसान जंगलों की तरफ मोड़ ले गया। जैसे ही जंगल का सन्नाटा शुरू हुआ, युवती को खतरे का अहसास हो गया। उसने गाड़ी रोकने की मिन्नतें कीं और शोर मचाया, लेकिन वहां उसकी चीख सुनने वाला कोई नहीं था। आरोपी ने जबरन उसे बाइक से उतारा। युवती ने खुद को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया, जिसमें उसके कपड़े तक फट गए। मगर, दरिंदे ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका, वह उसे एक अज्ञात कमरे में ले गया और अगले दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ गलत हरकतें करता रहा।
धमकी देकर पुलिया के पास छोड़ा, घर पहुंची पीड़िता ने बयां की खौफनाक दास्तान
अगले दिन शाम को जब आरोपी का मन भर गया, तो उसने पीड़िता को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। उसने साफ कहा कि अगर पुलिस या घरवालों को कुछ भी बताया, तो वह उसे और उसके परिवार को जान से मार डालेगा। इसी डर के साए में आरोपी ने युवती को गांव की एक सुनसान पुलिया के पास छोड़ दिया और खुद मौके से रफूचक्कर हो गया। बदहवास और लहूलुहान हालत में पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और रोते हुए मां-बाप को पूरी आपबीती सुनाई। बेटी की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वे तुरंत बिना समय गंवाए पीड़िता को लेकर केलवाड़ा थाने पहुंचे और आरोपी प्रेम के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई।
चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, इंसाफ के लिए डीएसपी की चौखट पर पहुंचा परिवार
इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात पुलिस प्रशासन का रवैया रही। पीड़ित परिवार का आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज होने के चार दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय केलवाड़ा पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस ढिलाई का फायदा उठाकर आरोपी के रसूखदार परिजन अब पीड़िता के परिवार पर केस वापस लेने और समझौते का लगातार दबाव बना रहे हैं। उन्हें आए दिन जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिससे पूरा परिवार अपने ही घर में खौफ के साए में जी रहा है। स्थानीय पुलिस से न्याय की उम्मीद टूटती देख, आखिरकार हताश परिजनों ने उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है। वे पीड़िता के साथ शाहाबाद डीएसपी से मिलने पहुंचे और रो-रोकर अपनी सुरक्षा तथा आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की गुहार लगाई है, ताकि इस दरिंदे को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
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