मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित हाईकोर्ट में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक व्यक्ति अपने मृत अजन्मे बच्चे का भ्रूण लेकर अदालत पहुंच गया। कोर्ट रूम में मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद चौंकाने वाला था। जानकारी के अनुसार व्यक्ति ने न्याय की गुहार लगाते हुए सीधे जज के सामने जाकर भ्रूण को रख दिया। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए अदालत की कार्यवाही बाधित हो गई और वहां मौजूद वकील व कर्मचारी भी हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति अपने परिवार के साथ हुई एक कथित गंभीर घटना को लेकर लंबे समय से न्याय की मांग कर रहा था। जब उसे कहीं से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह सीधे अदालत में यह कदम उठाने पहुंच गया।
न्याय की मांग को लेकर उठाया चौंकाने वाला कदम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह व्यक्ति अपने अजन्मे बच्चे की मौत को लेकर बेहद दुखी था और उसका आरोप है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई। उसने हाईकोर्ट में पहुंचकर कहा कि उसे न्याय चाहिए और अगर उसे न्याय नहीं मिलता तो वह अपनी पीड़ा को इसी तरह सबके सामने रखेगा। बताया जाता है कि उसने अपने हाथ में पॉलीथिन में भ्रूण रखा हुआ था और जैसे ही उसे बोलने का मौका मिला, उसने उसे जज की डाइस के पास रख दिया। इस घटना को देखकर कोर्ट में मौजूद कई लोग स्तब्ध रह गए। अदालत के अधिकारियों ने तुरंत स्थिति को संभाला और व्यक्ति को समझाने की कोशिश की।
अदालत ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया
घटना के बाद हाईकोर्ट ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को न्याय के लिए इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है तो यह चिंताजनक स्थिति है। अदालत ने मामले की पृष्ठभूमि और आरोपों की जांच करने के निर्देश भी दिए। वहीं कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कुछ समय के लिए कड़ी कर दी गई। इस घटना के बाद वकीलों और अदालत में मौजूद लोगों के बीच भी काफी चर्चा होती रही कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई कि एक पिता को अपने मृत बच्चे का भ्रूण लेकर अदालत पहुंचना पड़ा।
घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए
इस घटना ने न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते शिकायतों पर सही तरीके से कार्रवाई हो जाए तो शायद किसी व्यक्ति को इतनी चरम स्थिति तक नहीं पहुंचना पड़े। एक पिता द्वारा अपने मृत बच्चे का भ्रूण लेकर अदालत पहुंचना उसकी गहरी पीड़ा और निराशा को दर्शाता है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अदालत ने संकेत दिया है कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना ने पूरे प्रदेश में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और यह चर्चा का विषय बन गई है।
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