नागपुर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “चार बच्चे पैदा करो, लेकिन उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को समर्पित कर दो।” यह बयान ऐसे समय आया जब मंच पर कई बड़े नेता और संत मौजूद थे। उनके इस बयान को लेकर अब बहस तेज हो गई है और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
संघ प्रमुख और बड़े नेताओं की मौजूदगी में बयान
यह बयान उस वक्त दिया गया जब कार्यक्रम में मोहन भागवत, देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी जैसे बड़े चेहरे मौजूद थे। भारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में संघ की तारीफ करते हुए शास्त्री ने इसे राष्ट्र निर्माण में अहम बताया। उन्होंने कहा कि संघ देश के संस्कार और सेवा भावना को मजबूत करता है। हालांकि, उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि इसे जनसंख्या और विचारधारा से जोड़कर देखा जा रहा है।
शिवाजी महाराज पर भी दिया अलग दृष्टिकोण
अपने संबोधन में शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर भी एक दिलचस्प प्रसंग साझा किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज युद्ध करते-करते थक गए थे और उन्होंने सत्ता छोड़ने की इच्छा जताई थी। इसके बाद वे अपने गुरु समर्थ रामदास के पास पहुंचे। शास्त्री के अनुसार, गुरु ने उन्हें समझाया कि एक शिष्य का कर्तव्य अपने दायित्व से पीछे हटना नहीं, बल्कि उसे निभाना होता है। इस प्रसंग के जरिए उन्होंने कर्तव्य और नेतृत्व का संदेश देने की कोशिश की।
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान, बढ़ी राजनीतिक गर्मी
यह पहला मौका नहीं है जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने चार बच्चों को लेकर बयान दिया हो। इससे पहले भी वे कई बार इस विषय पर बोल चुके हैं, लेकिन इस बार RSS को लेकर की गई टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया है। विपक्षी दलों द्वारा इस बयान की आलोचना की जा सकती है, वहीं समर्थक इसे राष्ट्रवादी सोच से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
