नेपाल के होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई प्रिंस यादव की मौत ने बिहार के सहरसा जिले के धमसैना गांव को शोक में डुबो दिया है। सोमवार देर रात जब प्रिंस का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। गांव में हर तरफ मातम का माहौल था और लोगों की आंखें नम थीं। इस बीच, जेल से रिहा होने के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद (Roshan Anand) भी अपने गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर प्रिंस का अंतिम संस्कार किया गया, जहां सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। अंतिम संस्कार की रस्म उनके पिता ने मुखाग्नि देकर पूरी की।
नेपाल के होटल में हुई मौत, वजह अब भी रहस्य
प्रिंस यादव की मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में हुई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद नेपाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंप दिया। हालांकि, अब तक उनकी मौत के कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हो पाया है। परिवार का कहना है कि इसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए। गांव के लोगों के अनुसार, हाल के दिनों में प्रिंस मानसिक रूप से काफी परेशान थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि पटना में दर्ज एक मामले के बाद वह तनाव में रहने लगे थे और कुछ समय पहले नेपाल चले गए थे।
रौशन आनंद बोले- हमने अपना भाई खो दिया
प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में पहुंचे Roshan Anand ने लोगों के समर्थन के लिए आभार जताते हुए भावुक शब्दों में अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में जिस तरह छात्रों, शिक्षकों और गांव के लोगों ने उनके परिवार का साथ दिया है, वह इसे जीवन भर नहीं भूल पाएंगे। रौशन ने कहा कि उनका परिवार एक अपूरणीय क्षति से गुजर रहा है और उन्होंने अपना भाई खो दिया है। उनके बयान के दौरान वहां मौजूद कई लोग भावुक हो गए। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा शिक्षा जगत से जुड़े कई लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
उच्चस्तरीय जांच की मांग, राजनीति भी हुई तेज
प्रिंस यादव की मौत के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी ध्यान खींचा है। परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक मौत की असली वजह सामने नहीं आती, तब तक कई सवाल अनुत्तरित रहेंगे। इस बीच, बिहार की राजनीति में भी यह मुद्दा उठने लगा है और कई नेताओं ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। फिलहाल, सभी की नजर नेपाल पुलिस की जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है। परिवार को उम्मीद है कि जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
