UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों में नेताओं के आने-जाने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बरेली की आंवला लोकसभा सीट से पूर्व बीजेपी सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है। उनके साथ उनकी बेटी कीर्ति कश्यप और कई समर्थक भी सपा में शामिल हुए। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत किया। धर्मेंद्र कश्यप की वापसी को इसलिए भी चर्चा के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि वह पहले समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं। उनके साथ बसपा के आबिद अली ने भी सपा का दामन थामा है। इन नेताओं के पार्टी में शामिल होने से आगामी चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में नए घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं।
बसपा से शुरू हुआ सफर, फिर बीजेपी से संसद तक पहुंचे
धर्मेंद्र कश्यप का राजनीतिक सफर बहुजन समाज पार्टी से शुरू हुआ था। साल 2002 में वह बसपा के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का रुख किया और 2007 में सपा के टिकट पर दोबारा विधानसभा पहुंचे। मुलायम सिंह यादव की सरकार में उन्हें दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी मिली। 2009 में उन्होंने सपा के टिकट पर आंवला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। साल 2013 में वह बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में आंवला से जीतकर संसद पहुंचे और 2019 में लगातार दूसरी बार सांसद बने। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य ने उन्हें 15,969 वोटों से हरा दिया। अब वह फिर समाजवादी पार्टी में लौट आए हैं।
कीर्ति कश्यप की चुनावी एंट्री को लेकर भी चर्चा
धर्मेंद्र कश्यप के साथ उनकी बेटी कीर्ति कश्यप का सपा में शामिल होना भी राजनीतिक चर्चा का विषय है। आगामी विधानसभा चुनाव में कीर्ति की भूमिका को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी की ओर से किसी सीट पर आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। आंवला और बरेली क्षेत्र में धर्मेंद्र कश्यप की राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उनके इस फैसले पर स्थानीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। अब यह देखना होगा कि समाजवादी पार्टी उन्हें और उनके समर्थकों को संगठन में क्या जिम्मेदारी देती है।
बसपा छोड़कर आए कई नेताओं ने भी ली सपा की सदस्यता
धर्मेंद्र कश्यप और आबिद अली के अलावा, दी गई जानकारी के अनुसार, बसपा के पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति, बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और दातागंज के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य समेत कई नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। बीजेपी से जुड़े नेता प्रदीप पांडेय और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं के सपा में आने की भी जानकारी दी गई है। अखिलेश यादव ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। इन नेताओं के आने से सपा के संगठन में क्या बदलाव होंगे और आगामी चुनाव में उन्हें कौन-सी जिम्मेदारियां मिलेंगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, यूपी की राजनीति में दल बदल का यह घटनाक्रम चर्चा में है।
