महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। इस पूरे मामले में शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के अलग होने और सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबरों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद तारिक अनवर ने प्रतिक्रिया देते हुए कई अहम बातें कही हैं। उनका कहना है कि जब भी राजनीतिक दलों में टूट या पाला बदलने की स्थिति बनती है, तो सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाती है और नेताओं को विशेष सुरक्षा दी जाती है।
‘पैसों के इस्तेमाल’ का लगाया गया बड़ा आरोप
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने ऑपरेशन टाइगर को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीतिक स्थितियों में धन का बहुत अधिक इस्तेमाल होता है और नेताओं को बड़े पैमाने पर ऑफर दिए जाते हैं। उनके अनुसार, कई बार इतनी बड़ी रकम का लालच दिया जाता है कि व्यक्ति की निष्ठा और ईमानदारी तक प्रभावित हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह राजनीति का एक कड़वा सच है, जिसे सभी जानते हैं लेकिन खुलकर स्वीकार नहीं करते।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई गई
महाराष्ट्र गृह विभाग और पुलिस की ओर से मिली खुफिया रिपोर्ट के आधार पर शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों की सुरक्षा को बढ़ाकर Y-प्लस श्रेणी में कर दिया गया है। जिन सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई गई है, उनमें संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी हाल के दिनों में पार्टी की अहम बैठकों से अनुपस्थित रहे थे, जिससे उनके राजनीतिक रुख को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
चौथा पैराग्राफ: सपा को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक बहस तेज
इसी बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी में भी टूट की संभावना है और कई सांसद अलग हो सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तारिक अनवर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि समाजवादी पार्टी में ऐसी स्थिति बनेगी क्योंकि अखिलेश यादव की अपनी पार्टी पर मजबूत पकड़ है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिशें जरूर होती हैं, लेकिन हर जगह ये सफल हों, यह जरूरी नहीं है।
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