अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े गबन मामले की जांच अब और तेज हो गई है। इस केस की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) आज एक बार फिर टिन्नू यादव उर्फ राम शंकर यादव से पूछताछ करेगी। टीम का फोकस अब सिर्फ पूछताछ तक सीमित नहीं है, बल्कि दस्तावेजों और संपत्ति के रिकॉर्ड की गहराई से जांच की जा रही है।
सोना-चांदी और जमीन के रिकॉर्ड पर जांच की नजर
SIT अब राम मंदिर में मिले चढ़ावे के पूरे रिकॉर्ड की जांच कर रही है। खासकर सोना और चांदी से जुड़े कागजों को बारीकी से देखा जा रहा है। इसके साथ ही टिन्नू यादव की जमीन और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि मंदिर के चढ़ावे और सरकारी रिकॉर्ड में कोई फर्क तो नहीं है।
कई लोगों से पूछताछ, दस्तावेजों की जांच जारी
राम मंदिर चढ़ावा के गबन के मामले में अब तक करीब एक दर्जन लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इनमें मंदिर से जुड़े कर्मचारी और अन्य संबंधित लोग शामिल हैं। SIT लगातार कई दिनों से इस केस की जांच कर रही है और हर बयान को पहले से मिले सबूतों से मिलाया जा रहा है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर चढ़ावे में कितनी गड़बड़ी हुई है।
कैसे शुरू हुआ था पूरा विवाद
राम मंदिर चढ़ावा के गबन का मामला सबसे पहले तब सामने आया जब स्थानीय मीडिया में चढ़ावे के कलेक्शन में गड़बड़ी की खबरें आईं। बाद में यह मामला बड़ा बन गया जब राजनीतिक स्तर पर भी इस पर सवाल उठने लगे और जांच की मांग की गई। इसके बाद सरकार ने तीन सदस्यीय SIT बनाई, जिसने पूरे मामले की जांच शुरू की। अब जांच का फोकस सोना-चांदी और दान के रिकॉर्ड के अंतर पर है।
