जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में ‘वंदे मातरम’ (Vande Mataram) के पूरे संस्करण के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के सभी छह छंद गाए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और अन्य नेता करीब तीन मिनट से ज्यादा समय तक सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े रहे। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद इस मुद्दे पर कांग्रेस ने अपनी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस को नसीहत दी। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर ही तीखा हमला बोल दिया।
कांग्रेस ने सहयोगी दल को दी नसीहत
कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने पूरे वंदे मातरम (Vande Mataram) के गायन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सहयोगी दलों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लिए गए फैसलों और उस समय के नेताओं की सोच का सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि वंदे मातरम के वही दो छंद इस्तेमाल किए जाने चाहिए, जिन्हें स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वीकार किया था। पार्टी ने पूरे संस्करण को लेकर अपनी असहमति जाहिर करते हुए इसे देश की बहुलवादी और सामंजस्यपूर्ण सोच के संदर्भ में देखने की बात कही। इस बयान के बाद कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
BJP ने कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस की आपत्ति पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि उसके कई गठबंधन सहयोगी पूरे वंदे मातरम (Vande Mataram) के गायन में शामिल हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को इस पर आपत्ति है। भाजपा प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने केसी वेणुगोपाल के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने खास तौर पर उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला के कार्यक्रम में शामिल होने का जिक्र किया। भाजपा का कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस दौरान संवैधानिक और राष्ट्रीय मर्यादाओं का पालन किया। पार्टी ने कांग्रेस की आपत्ति को लेकर उसके राजनीतिक रुख पर भी सवाल खड़े किए।
‘कांग्रेस 21वीं सदी की मुस्लिम लीग बन गई’
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हमला और तेज करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का सेकुलरिज्म का मुखौटा उतर चुका है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब ‘21वीं सदी की मुस्लिम लीग’ बन चुकी है और कथित तौर पर कट्टरपंथी ताकतों के दबाव में काम कर रही है। इस तरह फिल्म फेस्टिवल के मंच से शुरू हुआ वंदे मातरम (Vande Mataram) विवाद अब कांग्रेस और भाजपा के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। कांग्रेस जहां स्वतंत्रता आंदोलन की मूल भावना और बहुलवाद का हवाला दे रही है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
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