PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कॉलेजों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के अभियान को लेकर सवाल उठाया। रांका ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री के जन्मदिन का सीधे नाम लिए बिना तंज भरे अंदाज में पूछा कि आखिर यह आयोजन किसके सम्मान में किया जा रहा है। उनकी इस पोस्ट के बाद CJP एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
आशुतोष रांका ने पोस्ट में क्या लिखा?
आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर एक्स पर लिखा, “बताओ कल देशभर के कॉलेज को सुबह सुबह आशीर्वाद का दीया जलाने के लिए क्यों बोला गया है गाइज? बताओ कल किसका जन्मदिन है गाइज?” इस पोस्ट के जरिए उन्होंने कॉलेजों में आयोजित किए जा रहे दीया जलाने के कार्यक्रम पर सवाल उठाया। रांका CJP के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और सोशल मीडिया पर लगातार अपनी गतिविधियों और बयानों को साझा करते रहते हैं। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद से उनकी पार्टी का नाम भी चर्चा में बना हुआ है।
आदिवासी स्कूलों को लेकर CJP का नया अभियान
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को आदिवासी स्कूलों की स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए संचालित स्कूलों को लंबे समय से सरकारी उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। दीपके ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से 17 सितंबर को ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य आदिवासी छात्रों की समस्याओं, स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और उनके सामने आने वाले भेदभाव से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है।
बताओ कल देशभर के कॉलेज को सुबह सुबह आशीर्वाद का दीया जलाने के लिए क्यो बोला गया है guys?
बताओ कल सारे काम छोड़कर देशभर के टीचर्स को किसकी भक्ति करने के लिए कहा गया है guys?
बताओ कल किसका जन्मदिन है guys? pic.twitter.com/ZkLdESTaQt
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 16, 2026
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूलों का निरीक्षण
CJP ने करीब एक महीने पहले ग्रामीण और शहरी सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से देशव्यापी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया था। संगठन के प्रतिनिधि इस अभियान के तहत अलग-अलग इलाकों में स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। इन दौरों में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं, भवन, शिक्षा व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है। अभिजीत दीपके के अनुसार, आदिवासी स्कूलों पर केंद्रित नया अभियान इसी पहल का विस्तार है। पार्टी का कहना है कि इसके जरिए विद्यार्थियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और स्कूलों की स्थिति पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
