बॉडीबिल्डिंग का शौक रखने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब इस खेल को भी सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों में स्पोर्ट्स कोटे के तहत शामिल किया जाएगा। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने इस संबंध में अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि बॉडीबिल्डिंग को खेल कोटे की सूची में जोड़ा जाए। कोर्ट के इस फैसले से उन हजारों युवाओं को उम्मीद मिली है, जो बॉडीबिल्डिंग को अपने करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि बॉडीबिल्डिंग को खेल कोटे से बाहर रखना सही नहीं था और यह फैसला युवाओं के हित में नहीं था। अब इस फैसले के बाद बॉडीबिल्डर्स भी अन्य खिलाड़ियों की तरह सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे और उन्हें 5 प्रतिशत खेल आरक्षण का लाभ मिलेगा।
चार हफ्ते में बदलाव का आदेश
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 1 जुलाई 2016 के शासन निर्णय (GR) में संशोधन कर चार सप्ताह के भीतर बॉडीबिल्डिंग को शामिल किया जाए। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 2016 में इस खेल को सूची से हटाना मनमाना कदम था और यह संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ था।
न्यायाधीशों ने यह भी माना कि बॉडीबिल्डिंग एक अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक खेल है, जिसे नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट के अनुसार, यह खेल जिम्नास्टिक्स की एक शाखा के रूप में देखा जा सकता है, इसलिए इसे खेल कोटे के लिए पात्र माना जाना चाहिए। इस आदेश के बाद राज्य सरकार को अपनी नीति में जरूरी बदलाव करना होगा।
पहले शामिल, फिर हटाया गया था खेल
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2005 की नीति में बॉडीबिल्डिंग को शामिल किया गया था, लेकिन बाद में 2016 में इसे हटा दिया गया। इस फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने इस बदलाव को अनुचित बताते हुए कहा कि केवल ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों तक ही खेलों की पात्रता सीमित करना सही नहीं है।
अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि देश में बॉडीबिल्डिंग को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। केंद्र सरकार द्वारा बॉडीबिल्डर्स को अर्जुन पुरस्कार दिया जाना इस बात का प्रमाण है कि यह खेल भी अन्य खेलों की तरह महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने 2018 और 2023 के उन सरकारी आदेशों को भी रद्द करने का निर्देश दिया, जिनमें बॉडीबिल्डिंग को बाहर रखा गया था।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
इस फैसले के बाद अब बॉडीबिल्डिंग से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। जो युवा लंबे समय से इस खेल में मेहनत कर रहे थे, उन्हें अब सरकारी नौकरियों में भी मौका मिलेगा। इससे न केवल इस खेल को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को इसे करियर के रूप में अपनाने का आत्मविश्वास भी मिलेगा।
इस फैसले से फिटनेस और खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह निर्णय यह भी दिखाता है कि समय के साथ खेलों की परिभाषा बदल रही है और नए खेलों को भी बराबरी का अवसर मिल रहा है। आने वाले समय में यह फैसला बॉडीबिल्डिंग को और अधिक लोकप्रिय बना सकता है।
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