देशभर में रसोई गैस यानी LPG की कमी ने आम लोगों के लिए चिंता बढ़ा दी थी। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में लोग सिलेंडर की लंबी लाइनें लगाते देखे गए। कुछ लोग डर के चलते “पैनिक बुकिंग” करने लगे, जिससे हालात और जटिल हो गए। पैनिक बुकिंग में लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर लेते हैं, जिससे गैस एजेंसियों पर दबाव बढ़ जाता है और वितरण प्रभावित होता है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं, समय पर ही बुकिंग करें और भरोसा रखें कि सिलेंडर जल्द आपके घर पहुँचेंगे।
सरकार ने कहा कि देशभर में रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और लगभग 60 लाख सिलेंडर प्रतिदिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रेस्टोरेंट और कुछ कंपनियों में कमर्शियल LPG की आपूर्ति अभी सीमित है, लेकिन जल्द सामान्य होने की संभावना है। इसके अलावा, सरकार ने पैनिक बुकिंग पर कड़ी निगरानी और जागरूकता अभियान चलाकर हालात में सुधार लाना शुरू किया है।
राज्य स्तर पर कार्रवाई और जब्ती अभियान
उत्तर प्रदेश में LPG कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। 12 मार्च से अब तक प्रदेश के 4,816 स्थानों पर छापेमारी की गई और 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। महाराष्ट्र में भिवंडी कस्बे से 84 अवैध सिलेंडर जब्त किए गए, जबकि पूरे राज्य में अब तक 1,208 अवैध LPG सिलेंडर पकड़े गए और कई लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए। दिल्ली पुलिस ने भी कम से कम 600 सिलेंडर जब्त किए और छह प्राथमिकी दर्ज की। जम्मू में भी आपूर्ति और नियम उल्लंघन की शिकायतों के आधार पर कई एलपीजी एजेंसियों की जांच हुई।
इन कार्रवाइयों से स्पष्ट संदेश गया कि सरकार LPG किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ गंभीर है। अधिकारी लगातार निरीक्षण और छापेमारी कर रहे हैं ताकि आम नागरिकों तक सिलेंडर समय पर पहुंचे और अवैध व्यापार पर रोक लगे।
होर्मुज मार्ग और आपूर्ति की स्थिति
भारत की LPG जरूरतों का लगभग 60% आयात खाड़ी देशों से होता है, जिनमें कतर, यूएई, सऊदी अरब और कुवैत प्रमुख हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर यह गैस देश में आती है। अमेरिका और अन्य देशों के युद्ध और सुरक्षा संकट के बावजूद भारत के जहाजों के लिए मार्ग सुरक्षित है। हाल ही में एलपीजी वाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदादेवी’ सुरक्षित रूप से गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंचे। इस वजह से देश में आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई और सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य हो रही है।
सरकार ने कहा कि रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। देशभर में लगभग 60 लाख LPG सिलेंडर प्रतिदिन तैयार किए जा रहे हैं। इससे पहले मिडिल ईस्ट संकट के कारण मांग 55 लाख LPG सिलेंडर से बढ़कर पैनिक बुकिंग के समय 75 लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई थी। अब उत्पादन और आपूर्ति संतुलन में हैं और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
नई नियमावली और बुकिंग नंबर
LPG किल्लत को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने नए कदम उठाए हैं। पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) वाले घरों में सिलेंडर बुकिंग पर बैन लगाया गया है और पुराने सिलेंडर सरेंडर करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा इंडेन ने नए बुकिंग नंबर जारी किए हैं: मिस्ड कॉल के लिए 8927225667 और IVRS के लिए 8391990070। पुराने नंबर भी जारी हैं, जैसे अखिल भारतीय मिस्ड कॉल 8454955555 और व्हाट्सएप 7588888824। सरकार का कहना है कि इन नए नंबरों से पैनिक कॉल्स का बोझ कम होगा और समय पर सिलेंडर वितरण सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही जनता से अपील की गई है कि वे आवश्यकतानुसार ही LPG सिलेंडर बुक करें और घबराएँ नहीं। इन सभी उपायों से देश में एलपीजी आपूर्ति अब स्थिर और सुरक्षित बन रही है।
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