देशभर में आज सुबह 11:41 बजे कई लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक एक तेज सायरन जैसी आवाज के साथ अलर्ट मैसेज आया, जिससे लोग घबरा गए। कुछ लोगों को लगा कि कोई आपात स्थिति आ गई है, जबकि कुछ ने इसे गंभीर चेतावनी समझ लिया। लेकिन बाद में साफ हुआ कि यह कोई खतरे की स्थिति नहीं थी। यह अलर्ट भारत सरकार की तरफ से किया गया एक टेस्ट था, जिसका मकसद देश की आपदा चेतावनी प्रणाली को जांचना था। इस दौरान मोबाइल स्क्रीन पर एक संदेश भी दिखा, जिससे लोगों को समझ आया कि यह सिर्फ परीक्षण है।
सरकार ने क्यों भेजा यह टेस्ट अलर्ट?
यह अलर्ट भारत की आपदा चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने के लिए भेजा गया था। इसका उद्देश्य यह देखना था कि किसी प्राकृतिक आपदा या बड़ी घटना के समय लोगों तक तुरंत संदेश पहुंचाया जा सके या नहीं। यह सिस्टम इस तरह डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर सरकार सीधे मोबाइल नेटवर्क के जरिए लोगों को चेतावनी भेज सके। इस टेस्ट के दौरान लाखों मोबाइल पर एक साथ संदेश भेजा गया, ताकि तकनीकी क्षमता और उसकी पहुंच को जांचा जा सके।
अलर्ट में क्या लिखा था?
अलर्ट मैसेज में साफ तौर पर लिखा था कि यह एक टेस्ट संदेश है और किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। संदेश में बताया गया कि भारत सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक नई स्वदेशी तकनीक पर आधारित अलर्ट सेवा शुरू की है। इसमें यह भी कहा गया कि “सतर्क नागरिक, सुरक्षित देश” इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य है। जैसे ही लोगों ने संदेश पढ़ा, उन्हें समझ आ गया कि यह कोई असली आपदा नहीं बल्कि सिस्टम की जांच है।
गृह मंत्री की मौजूदगी में हुआ परीक्षण
इस सिस्टम की टेस्टिंग एक बड़े सरकारी कार्यक्रम के दौरान की गई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। यह परीक्षण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों की बैठक में किया गया। इसमें राहत आयुक्त, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, फायर सर्विस और सिविल डिफेंस से जुड़े अधिकारी शामिल थे। सरकार का कहना है कि इस तरह की टेस्टिंग से भविष्य में किसी भी आपदा के समय तेजी से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सकेगी। इससे देश की आपदा प्रबंधन प्रणाली और अधिक मजबूत होगी।
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