Dam Cruise Accident: मध्य प्रदेश के Jabalpur स्थित Bargi Dam में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इसी हादसे में बाल-बाल बचे सैयद रियाज हुसैन ने उस खौफनाक पल की पूरी कहानी बयां की है। उनके मुताबिक, क्रूज पर सवार सभी लोग सामान्य तरीके से सैर का आनंद ले रहे थे, लेकिन अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान ने सब कुछ बदल दिया। देखते ही देखते क्रूज असंतुलित हुआ और पानी तेजी से अंदर भरने लगा। कुछ ही पलों में खुशियों से भरा सफर चीख-पुकार और डरावने मंजर में बदल गया।
पत्नी और परिवार को खोने का दर्दनाक पल
रियाज हुसैन ने बताया कि वह अपनी पत्नी, समधन और उनके नाती के साथ क्रूज पर सवार थे। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन करीब सवा छह बजे तेज हवाएं चलने लगीं। क्रूज हिलने लगा और फिर अचानक डूबने लगा। रियाज के अनुसार, “मैंने अपनी आंखों के सामने पत्नी और परिवार को खो दिया, वह पल आज भी दिमाग से नहीं निकलता।” पानी में अफरातफरी मच गई थी और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। कई लोग कुछ ही सेकंड में पानी में गायब हो गए, जिससे चारों ओर भय और हाहाकार फैल गया।
मौत के बीच ‘चमत्कार’ जैसा बचाव
रियाज हुसैन ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई है। वे पानी में डूबने लगे थे, लेकिन अचानक वह एक ऐसी जगह फंस गए जहां उनकी गर्दन पानी से ऊपर रह गई। उनका शरीर पानी में था, लेकिन सांस लेने के लिए थोड़ी जगह मिल गई, जिससे उनकी जान बच गई। वे करीब दो घंटे तक उसी स्थिति में फंसे रहे। इस दौरान उन्होंने पानी में कई शव भी देखे, जिससे उनका मन और भी दहल गया। आखिरकार राहत और बचाव दल ने उन्हें देख लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
यह हादसा 30 अप्रैल 2026 को हुआ, जब क्रूज में लगभग 29 लोग सवार थे। तेज हवाओं और लहरों के कारण क्रूज असंतुलित होकर डूब गया। कुछ लोग तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई लोगों को बचा लिया गया और कुछ के शव बरामद किए गए हैं। अब भी कई लोग लापता हैं और उनकी तलाश के लिए NDRF और SDRF की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। प्रशासन ने भी कंट्रोल रूम स्थापित किया है ताकि लोगों को जानकारी मिल सके और राहत कार्य तेजी से पूरा किया जा सके। इस हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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