मध्य-पूर्व के संवेदनशील समुद्री क्षेत्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उस वक्त तनाव और बढ़ गया, जब ईरान की गनबोट्स ने भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों पर अचानक फायरिंग कर दी। यह घटना उस समय हुई जब जहाज सुरक्षित माने जाने वाले ‘ग्रीन एरिया’ में मौजूद था। जानकारी के मुताबिक, इस गोलीबारी में किसी भी भारतीय क्रू मेंबर के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि दोनों टैंकरों को अपना रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और भारत-ईरान संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘आपने क्लीयरेंस दी थी… अब गोली क्यों?’
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसने मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है। यह ऑडियो ‘सनमार हेराल्ड’ नाम के भारतीय तेल टैंकर से जुड़ा बताया जा रहा है। करीब 30 सेकंड के इस ऑडियो में जहाज का एक क्रू मेंबर ईरानी नौसेना से संपर्क करने की कोशिश करता हुआ सुनाई देता है। वह घबराए हुए स्वर में कहता है कि उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी और अब उन्हीं पर फायरिंग क्यों की जा रही है। वह बार-बार आग्रह करता है कि जहाज को सुरक्षित वापस लौटने दिया जाए। इस ऑडियो ने साफ कर दिया है कि जहाज के क्रू मेंबर इस घटना से पूरी तरह हैरान और भयभीत थे।
NEW: Audio from the Indian oil tanker fired on by Iranian Navy in the Strait of Hormuz
“You gave me clearance to go. My name is second on your list. You are firing now. Let me turn back!” pic.twitter.com/C3nouIPzOJ
— Insider Paper (@TheInsiderPaper) April 18, 2026
AIS सिस्टम बंद करने की बात ने बढ़ाई सस्पेंस
रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के समय जहाज ने अपनी पहचान छुपाने के लिए एआईएस (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) को बंद कर दिया था। हालांकि जैसे ही जहाज स्ट्रेट के पूर्वी छोर के करीब पहुंचा, इसे फिर से चालू कर दिया गया। समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का कदम अक्सर सुरक्षा कारणों से उठाया जाता है, लेकिन इससे संदेह भी पैदा हो सकता है। ‘सनमार हेराल्ड’ के अलावा ‘जग अर्नव’ नाम का एक अन्य भारतीय टैंकर भी इस फायरिंग का शिकार हुआ। दोनों जहाजों को अचानक हुए इस हमले के बाद पीछे हटना पड़ा, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस कार्रवाई के पीछे असली वजह क्या थी।
भारत-ईरान संबंधों पर असर
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने कहा था कि होर्मुज का रास्ता भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित और खुला रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया था कि भारत और ईरान के बीच इस मुद्दे पर बेहतर तालमेल है। लेकिन इस फायरिंग ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल ईरान की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं भारत के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील मानी जा रही है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से होकर ही बड़ी मात्रा में तेल का आयात होता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस घटना पर आगे क्या कूटनीतिक और सुरक्षा कदम उठाए जाते हैं।
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