उत्तर प्रदेश के बरेली में एक सैन्य अधिकारी के परिवार से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, जिसने साइबर अपराध और ब्लैकमेलिंग को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने आर्मी अफसर की पत्नी की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करने की धमकी देकर परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया। मामला तब सामने आया जब पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर सुरक्षा और न्याय की मांग की। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेने की धमकी दी और कथित रूप से पैसों की मांग भी की। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैफे संचालन से शुरू हुआ विवाद, बाद में बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार, सैन्य अधिकारी ने अपने आवासीय परिसर के एक हिस्से को कुछ समय पहले एक व्यक्ति को कैफे चलाने के लिए किराए पर दिया था। शुरुआती प्रक्रिया के दौरान संबंधित व्यक्ति ने आवश्यक दस्तावेज दिखाए थे, लेकिन बाद में कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। कुछ समय बाद कैफे का संचालन बंद हो गया और किराएदार ने परिसर खाली कर दिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि परिसर खाली करने के बाद आरोपी लगातार संपर्क कर उन्हें परेशान करने लगा और परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने की धमकियां देने लगा।
फोटो एडिट करने और बदनाम करने की धमकी का आरोप
परिवार की शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने महिला की तस्वीरों को एडिट कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इसके अलावा तस्वीरों के साथ भ्रामक और आपत्तिजनक बातें जोड़कर परिवार की छवि खराब करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि महिला के मोबाइल फोन पर कई आपत्तिजनक संदेश भेजे गए और बार-बार फोन कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। परिवार का दावा है कि आरोपी ने कथित तौर पर रुपए की मांग भी की और रकम नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पर फर्जी सामग्री फैलाने की चेतावनी दी। लगातार मिल रही धमकियों से परिवार मानसिक तनाव में आ गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस की मदद लेने का फैसला किया।
पुलिस ने शुरू की जांच, डिजिटल साक्ष्य खंगाले जाएंगे
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मोबाइल फोन पर भेजे गए संदेश, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी महिला की तस्वीर का दुरुपयोग करना, ब्लैकमेल करना, अश्लील सामग्री प्रसारित करने की धमकी देना या धन उगाही का प्रयास करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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