मध्य प्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। पार्टी के कुछ फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रम के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि वह नाराज हैं। हालांकि अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह कभी पार्टी से नाराज नहीं थे और न ही भविष्य में होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके लिए सबसे ऊपर है और एक कार्यकर्ता के रूप में वह हमेशा संगठन के साथ खड़े रहेंगे। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगने की चर्चा शुरू हो गई है।
‘पार्टी सबसे बड़ी, व्यक्ति बाद में’ का दिया संदेश
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि राजनीति में पार्टी का स्थान हमेशा सबसे ऊपर होता है और कोई भी व्यक्ति संगठन से बड़ा नहीं हो सकता। मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपने समर्थकों को भी यही समझाया है कि पार्टी के निर्णयों का सम्मान करना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यदि किसी विषय पर अपनी बात रखनी होगी तो वह पार्टी के तय मंच और संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत रखेंगे। उनके अनुसार लोकतांत्रिक दलों में संवाद का एक तरीका होता है और वही सही रास्ता है। इस बयान को पार्टी अनुशासन और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा के रूप में देखा जा रहा है।
टिकट और फैसलों पर नहीं लगाया किसी पर आरोप
राजनीतिक चर्चाओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि नरोत्तम मिश्रा ने किसी भी नेता या पार्टी पदाधिकारी पर कोई आरोप नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर कोई कमी रही होगी तो वह खुद उसका आत्ममंथन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहते और अपने राजनीतिक सफर का मूल्यांकन स्वयं करेंगे। मिश्रा ने यह भी कहा कि उन्हें किसी प्रकार का आश्वासन नहीं दिया गया है और न ही उन्होंने किसी से कोई विशेष मांग की है। उनका कहना था कि वह एक साधारण कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने संयमित भाषा का इस्तेमाल करते हुए यह संकेत दिया कि उनका पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर रहेगा।
बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में उतरेंगे मैदान में
नरोत्तम मिश्रा ने यह भी साफ कर दिया कि वह पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के समर्थन में पूरी ताकत से प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा कि वह नामांकन कार्यक्रम में भी मौजूद रहेंगे और चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे। सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन बीजेपी के साथ शुरू हुआ है और आगे भी वह इसी पार्टी के साथ रहेंगे। इस बयान को उन्होंने संगठन के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण का प्रतीक बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके इस रुख से कार्यकर्ताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा और पार्टी संगठन को मजबूती मिलेगी। फिलहाल उनके बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में चल रही कई अटकलों पर विराम लगने की संभावना जताई जा रही है।
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