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‘मेरा नाम अब्दुल्ला है इसलिए…’ आजम खान की गिरफ्तारी पर छलका अखिलेश का दर्द, बीजेपी पर बरसे सपा प्रमुख

अखिलेश यादव ने आजम खान की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। सपा प्रमुख ने कहा कि आजम खान का यह कहना बिल्कुल सच है कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है।

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने वरिष्ठ नेता आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। एक रैली में शामिल होने दिल्ली आ रहे अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सत्ता से किसी भी प्रकार के न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने आजम खान के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें मुसलमान होने की सजा भुगतनी पड़ रही है। सपा प्रमुख ने साफ शब्दों में कहा कि आजम खान ने बिल्कुल सच कहा है और उनके साथ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।

सोशल मीडिया पर अखिलेश का तीखा तंज

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए मौजूदा हुक्मरानों को इतिहास और वक्त के बदलाव की याद दिलाई है। उन्होंने लिखा कि सत्ता और तख्त हमेशा के लिए किसी के पास नहीं रहते, वक्त बदलने पर सब बदल जाता है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि एक बुजुर्ग नेता को इस तरह के झूठे और बेमानी मुकदमों में फंसाकर बार-बार जेल भेजना बेहद कायराना हरकत है। उन्होंने चेतावनी दी कि आज सत्ताधीश जिस गलत परंपरा की शुरुआत कर रहे हैं, कल जब हवा बदलेगी तो वे खुद इसके शिकार बनेंगे।

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बेटे अब्दुल्ला आजम का छलका दर्द

उधर, पिता की गिरफ्तारी के बाद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम का भी दर्द खुलकर सामने आया है। उन्होंने अपने ऊपर हो रहे जुल्म का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास जन्म के वीडियो सबूत, अस्पताल के रिकॉर्ड और मां की मैटरनिटी लीव के पुख्ता दस्तावेज होने के बावजूद उन्हें पिछले सात साल से सजा भुगतनी पड़ रही है। अब्दुल्ला ने मायूस होते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी बदकिस्मती यह है कि उनका नाम ‘अब्दुल्ला’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उनका नाम कुछ और होता, तो शायद वे अपने जन्म की सही तारीख और सच्चाई को साबित करने में कामयाब हो जाते।

राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप और भविष्य की चेतावनी

आजम खान और उनके परिवार पर हो रही इस कानूनी कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। समाजवादी पार्टी इसे पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और साजिश करार दे रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने अपनी चेतावनी में दोटूक कहा कि नाइंसाफी जब अपनी सभी हदें पार कर लेती है, तो वही जुल्म करने वालों के लिए काल और कहर बन जाती है, जिससे उन्हें भविष्य में भागने तक का मौका नहीं मिलेगा।

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