उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या में हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जानकारी के अनुसार, अजय राय मंगलवार को राम मंदिर में रामलला के दर्शन करने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर लिया। वह सोमवार को अयोध्या पहुंच गए थे और कनीगंज स्थित पद्मश्री पैलेस में ठहरे हुए थे। देर रात करीब 11:40 बजे अयोध्या पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर गई और बाद में उन्हें आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में रखा गया। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच लगातार बातचीत का दौर चल रहा है, लेकिन स्थिति को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं बन पाई है।
राम मंदिर दर्शन कार्यक्रम को लेकर बढ़ा विवाद
कांग्रेस की ओर से पहले ही घोषणा की गई थी कि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाएगा। इस दल में सांसद, विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही कई नेताओं को नजरबंद कर दिए जाने का आरोप कांग्रेस ने लगाया है। पार्टी ने दावा किया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है और सरकार जानबूझकर उन्हें राम मंदिर जाने से रोक रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि श्रीराम किसी एक पार्टी या विचारधारा के नहीं हैं, बल्कि पूरे देश की आस्था का प्रतीक हैं। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है और सभी नेताओं की रिहाई की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक इस कार्रवाई पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अजय राय की पत्नी का तीखा बयान
इस पूरे मामले में अजय राय की पत्नी रीना राय का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति की आवाज दबाने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है और पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सहयोगियों को गलत जानकारी देकर भ्रमित किया जा रहा है। रीना राय ने दावा किया कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर उनकी पार्टी लगातार आवाज उठा रही है और इसी कारण यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अजय राय या उनके समर्थकों को कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में शामिल कई बड़े नेता
जानकारी के अनुसार, अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए पहुंचने वाला था। इस दल में सांसद किशोरी लाल शर्मा, सांसद तनुज पुनिया, सांसद राकेश राठौर, सांसद उज्ज्वल रमण सिंह, विधायक वीरेंद्र चौधरी, पूर्व सांसद ए.पी. गौतम और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह जैसे कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। लेकिन प्रशासन की कार्रवाई के बाद यह पूरा कार्यक्रम बाधित हो गया है। फिलहाल पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत जारी है, लेकिन किसी समाधान पर सहमति नहीं बन पाई है। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले समय में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
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