फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 के साथ एक ऐसी घटना घटी, जिसने यात्रियों की सांसे थाम दीं। चार अगस्त को जब यह विमान अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा था और लैंडिंग की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक विमान भयंकर टर्बुलेंस यानी तेज झटकों की चपेट में आ गया। विमान में कुल 134 यात्री सवार थे और जैसे ही यह अप्रत्याशित घटना घटी, केबिन में कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। साफ-सुथरे आसमान में अचानक आए इस संकट ने किसी को भी संभलने का मौका नहीं दिया।
क्या होता है ‘क्लियर एयर टर्बुलेंस’, जो रडार की पकड़ से रहता है दूर
विशेषज्ञों के अनुसार, इस खौफनाक घटना की वजह “क्लियर एयर टर्बुलेंस” (CAT) थी। यह हवा का ऐसा तेज और अचानक बदलने वाला बहाव होता है, जो बिल्कुल साफ आसमान में बिना किसी बादल, बारिश या तूफान के सक्रिय होता है। चूंकि मौसम पूरी तरह सामान्य नजर आ रहा था और रडार पर किसी खतरे के संकेत नहीं थे, इसलिए पायलट के लिए भी पहले से इसका अनुमान लगाना नामुमकिन था। मौसम की इस लुकाछिपी ने विमान को अचानक जोरदार झटके दिए, जिससे विमान की ऊंचाई में कुछ समय के लिए तेजी से बदलाव आया।
बाल-बाल बचे यात्री, क्रू मेंबर्स समेत कई लोग हुए मामूली घायल
एयरलाइन सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अप्रत्याशित घटना में विमान को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। हालांकि, पायलट ने अपनी सूझबूझ और पेशेवर कौशल का परिचय देते हुए फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। विमान के उतरते ही राहत की सांस ली गई, लेकिन इस बीच कुछ यात्रियों और क्रू मेंबरों को मामूली चोटें जरूर आईं। गनीमत यह रही कि कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
एयरपोर्ट पर मेडिकल टीम ने संभाला मोर्चा, एयर इंडिया ने दी आधिकारिक जानकारी
विमान के सुरक्षित लैंड होने के बाद एयर इंडिया की मेडिकल टीम पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। एहतियात के तौर पर घायल यात्रियों और क्रू सदस्यों को तुरंत एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज और मेडिकल चेकअप किया गया। एयर इंडिया ने बयान जारी कर पुष्टि की है कि सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित अपने घर की ओर रवाना हो चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि हवा में सफर के दौरान मौसम का मिजाज कब बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना किसी के बस में नहीं होता।
