Homeदुनियायूरोप में महंगाई का विस्फोट! फ्रांस-इटली में आगजनी और लूटपाट, सैकड़ों गिरफ्तार;...

यूरोप में महंगाई का विस्फोट! फ्रांस-इटली में आगजनी और लूटपाट, सैकड़ों गिरफ्तार; आखिर क्यों भड़के लोग?

यूरोप में बढ़ती महंगाई के खिलाफ फ्रांस और इटली में प्रदर्शन हिंसक हुए। आगजनी, लूटपाट और पुलिस से झड़प के बीच फ्रांस में 272 गिरफ्तार, मिलान में करीब 50 हिरासत में।

-

बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के खिलाफ फ्रांस और इटली में लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देने लगा है। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं। हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। फ्रांस में कम से कम 272 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि इटली के मिलान में करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। इन प्रदर्शनों ने यूरोप में बढ़ती कीमतों और आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुए कुछ मार्च बाद में हिंसक हो गए, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

 इटली के मिलान में बिगड़े हालात

इटली के मिलान में शनिवार को युद्ध और महंगाई के खिलाफ निकाला गया मार्च शुरुआत में शांतिपूर्ण था। लेकिन बाद में कुछ नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और दूसरी वस्तुएं फेंकनी शुरू कर दीं। इसके बाद कई जगहों पर दुकानों में लूटपाट और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुईं। शहर के प्रसिद्ध पियाजा डेल डुओमो चौक और महंगी दुकानों वाले बाजार में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का सहारा लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, दो पुलिस अधिकारी घायल हुए और करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि प्रदर्शन करना अधिकार है, लेकिन शहर में आगजनी करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

- Advertisement -

 फ्रांस में 272 गिरफ्तार, पेरिस से मार्सिले तक हिंसा की घटनाएं

फ्रांस में भी महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में तनाव बढ़ गया। राजधानी पेरिस में वाहनों को आग लगाने और दुकानों में लूटपाट की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के मुताबिक, देशभर में कम से कम 272 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ल्योन में एक पर्यटन कार्यालय के अंदर आग लगने की खबर आई, जबकि मार्सिले में दुकानों और नगरपालिका पुलिस स्टेशन को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ प्रदर्शनकारी सिटी हॉल की लॉबी में भी घुस गए। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरां नुनेज के कार्यालय ने पुलिस पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की जानकारी दी।

क्या लौटेगा फ्रांस का येलो वेस्ट आंदोलन?

फ्रांस में कुछ प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया पर 2018 के ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन को दोबारा शुरू करने की अपील की है। उस आंदोलन में भी महंगाई और आर्थिक असमानता को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध हुआ था। इस बार पेट्रोल, ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की कीमतों को लेकर नाराजगी प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में शामिल बताई जा रही है। इटली में भी महंगाई और युद्ध के विरोध ने प्रदर्शनों को व्यापक रूप दिया। हालांकि, हिंसा की घटनाओं के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सभी प्रदर्शनकारी लूटपाट या आगजनी में शामिल नहीं थे। अब इन देशों में सरकारों और प्रशासन के सामने लोगों की आर्थिक चिंताओं से निपटने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।

Read More-‘मेरी शादी में जरूर आइए योगी जी’, केरल की लड़की ने क्यों भेजी CM को 2 पन्नों की चिट्ठी? वजह जानकर भावुक हो जाएंगे

- Advertisement -

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest posts