Sudan Gold Mine Collapse: अफ्रीकी देश सूडान में सोने की खदान ढहने से बड़ा हादसा हो गया है। वेस्ट कॉर्डोफान प्रांत में हुई इस दुर्घटना में अब तक 60 लोगों की मौत की खबर है। कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। हादसे ने एक बार फिर सूडान में सोने के पारंपरिक खनन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अल-नुहुद शहर के पास ढही खदान
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय सूत्रों ने बताया कि वेस्ट कॉर्डोफान में अल-नुहुद शहर के उत्तर में रविवार को सोने की एक खदान ढह गई। बुधवार, 16 सितंबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद 60 शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर बचाव कार्य जारी है और अधिकारियों की ओर से मृतकों तथा लापता लोगों की अंतिम संख्या की पुष्टि की जानी बाकी है।
पारंपरिक खनन बना हादसों की बड़ी वजह
सूडान अफ्रीका के प्रमुख सोना उत्पादक देशों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक तरीकों से सोना निकालने का काम करते हैं। इन खदानों में कई बार सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता और मजदूरों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी नहीं होते। ऐसे में जमीन धंसने या खदान की दीवारें गिरने पर जान बचाना मुश्किल हो जाता है। सोने के कारोबार में अवैध बिक्री और तस्करी की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। खनन से होने वाली कमाई स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन मजदूरों की सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।
अर्धसैनिक बलों के नियंत्रण वाले इलाकों में भी खनन
वेस्ट कॉर्डोफान की कई सोने की खदानें अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में बताई जाती हैं। सोने से होने वाली कमाई ऐसे इलाकों में आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और बचाव व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। खनन क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा नियमों की कमी हादसों का खतरा बढ़ा सकती है। मौजूदा दुर्घटना के बाद भी खदानों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पहले भी हो चुके हैं कई बड़े हादसे
सूडान में सोने की खदानों में दुर्घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। जुलाई 2026 में उत्तरी सूडान के वादी हाफा में एक खदान हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर आई थी। इससे पहले अप्रैल 2026 में एक अन्य दुर्घटना में सात मजदूरों की जान चली गई थी और छह लोग घायल हुए थे। लगातार हो रहे हादसों के बीच मौजूदा दुर्घटना ने खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। अल-नुहुद के पास हुए हादसे में लापता मजदूरों की तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
