भारत के क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर अपने परिवार के साथ मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर महेश्वर गए, जहां उन्होंने स्थानीय संस्कृति और कलाओं का गहरा अनुभव लिया। इस यात्रा में सचिन के साथ उनकी पत्नी अंजली, बेटी सारा तेंदुलकर और होने वाली बहू सानिया चंडोक भी शामिल थीं। महेश्वर की प्रसिद्ध क़ला, खासकर रंगाई और बुनाई की विधियाँ, परिवार के सभी सदस्योंने सीखी। इस दौरान सचिन ने स्थानीय कारीगरों से कपड़े रंगने की पारंपरिक कला भी सीखी और इसके महत्व को समझा।
सगाई के बाद पहली बार एक साथ परिवार
हाल ही में सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक की सगाई हुई थी। इस परिवारिक आयोजन के बाद, सानिया और उनके परिवार ने महेश्वर की यात्रा की, जहां सचिन के परिवार के साथ उन्होंने शहर की सांस्कृतिक धरोहर का आनंद लिया। महेश्वर की इस यात्रा में सानिया और उनके परिवार ने स्थानीय कारीगरों से एक नई कला को सीखा, जिससे सचिन तेंदुलकर और उनके परिवार ने अपनी यात्रा को और भी यादगार बना लिया। यह यात्रा सचिन के लिए महेश्वर की विविधता और कला को समझने का एक अनोखा अवसर साबित हुई।
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सांस्कृतिक परंपरा को सहेजने की पहल
महेश्वर की यह यात्रा न केवल सचिन तेंदुलकर के लिए बल्कि उनके परिवार के लिए भी एक सांस्कृतिक अन्वेषण का मौका रही। उन्होंने स्थानीय कारीगरों से न सिर्फ कला सीखी, बल्कि महेश्वर के इतिहास को भी जाना। इस यात्रा ने परिवार के सभी सदस्यों को भारतीय संस्कृति के करीब लाने का कार्य किया। इस दौरान सानिया और सारा ने भी इस कला में गहरी रुचि दिखाई और इसके महत्व को समझा। सचिन ने कहा कि इस तरह की यात्राएँ भारतीय संस्कृति की विविधता और गहराई को जानने में मदद करती हैं, जिससे हम और भी बेहतर तरीके से अपने देश के गौरव को समझ सकते हैं।
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