उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का कार्यक्रम अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। परमट क्षेत्र स्थित स्कूल में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाए जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया। इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। भाजपा नेताओं ने सरकारी स्कूल में राजनीतिक गतिविधि होने पर सवाल उठाए और शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग की। मामला बढ़ने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच के आधार पर स्कूल के हेडमास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी को निलंबित कर दिया। इस घटना ने सरकारी शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
विधायक के स्कूल पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई को समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेयी बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय पहुंचे। आरोप है कि स्कूल परिसर में पार्टी से जुड़ा बैनर लगाया गया और अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर केक काटा गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बीच ड्रेस भी वितरित की गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों का उपयोग किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसी आधार पर विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई, जांच समिति भी गठित
बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने बताया कि हेडमास्टर को पहले से विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन कार्यों को पूरा करने के बजाय विद्यालय में हुए इस कार्यक्रम को प्राथमिकता दी गई। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर खंड शिक्षा कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कार्यक्रम की अनुमति किस स्तर पर दी गई थी और इसमें स्कूल प्रशासन की क्या भूमिका रही।
हेडमास्टर ने दी सफाई
दूसरी ओर हेडमास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी ने अपने बचाव में कहा कि पहले सांसद रमेश अवस्थी की ओर से स्कूल में बच्चों को ड्रेस वितरण कार्यक्रम कराने की बात कही गई थी, जिसे बाद में 6 जुलाई के लिए तय किया गया। उनके अनुसार, 1 जुलाई को विधायक अमिताभ बाजपेयी अचानक स्कूल पहुंचे और वहां जन्मदिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रशासन को इसकी पहले से जानकारी नहीं थी। वहीं सांसद रमेश अवस्थी ने भी इस पूरे विवाद से खुद को अलग बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल बच्चों की ड्रेस का माप लेने की बात कही थी, जबकि वितरण बाद में होना था। फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच जारी है और सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और इस विवाद की दिशा तय होगी।
