रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, लेकिन अगर कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज कर दिया जाए, तो यह पर्व अशुभ भी साबित हो सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, राखी बांधते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बहन को दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर मुंह कर बैठना चाहिए और भाई का मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। यदि राखी उत्तर-पश्चिम दिशा में बैठाकर बांधी जाए, तो यह रिश्तों में तनाव और दुर्भाग्य का कारण बन सकता है।
इन वस्तुओं से बना उपहार बन सकता है दुर्भाग्य का कारण
रक्षा बंधन के दिन बहनों को उपहार देते समय भी सतर्क रहना जरूरी है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नुकीली चीजें जैसे चाकू, कैंची या कोई भी धारदार वस्तु देना अशुभ होता है। इसी तरह, रुमाल या जूते-चप्पल भी इस दिन उपहार में नहीं देने चाहिए। बुध ग्रह को बहनों का कारक माना जाता है, इसलिए उनसे जुड़ी हरे या पीले रंग की वस्तुएं उपहार में देना सौभाग्यशाली माना जाता है। वहीं, राखी का चुनाव भी सोच-समझकर करें। प्लास्टिक की राखी या टूटी हुई राखियां पहनाने से रिश्तों में कटुता आ सकती है।
इन रंगों और भोजन से बचें, नहीं तो त्योहार पर लग सकता है ग्रहण
क्षा बंधन के दिन बहनों को काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इस दिन लाल, पीले या गुलाबी जैसे शुभ रंगों का चयन करना चाहिए। ये रंग समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक माने जाते हैं। वहीं भोजन में सात्विकता का पालन भी जरूरी है। तामसिक भोजन जैसे मांसाहार या लहसुन-प्याज से बनी चीजों से परहेज करें। सात्विक भोजन न केवल त्योहार की पवित्रता बनाए रखता है, बल्कि वातावरण को भी सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
(Disclaimer: यहां पर प्राप्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। UP Varta News इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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