बिहार में हालिया बंद को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर दिए गए कथित अपमानजनक बयान के खिलाफ बीजेपी द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान हुई घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं को “गुंडा” करार दिया। तेजस्वी ने कहा कि “विश्व की सबसे बड़ी पार्टी” कहलाने वाली बीजेपी ने बंद के नाम पर “दुनिया भर की गुंडागर्दी” की, फिर भी वह एक पंचायत तक को पूरी तरह बंद नहीं करा सकी।
महिलाओं और छात्राओं से दुर्व्यवहार का आरोप
तेजस्वी यादव ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और छात्राओं के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “भाजपाई गुंडों ने सरेआम महिलाओं को पीटा, शिक्षिकाओं के साथ मारपीट की, गर्भवती महिलाओं को रोका, बुजुर्गों को धक्का दिया और बच्चों को स्कूल जाने से रोका। यहां तक कि एम्बुलेंस और शहीदों के परिजनों तक को नहीं छोड़ा गया।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर बीजेपी के पास रैली के लिए भीड़ जुटाने की ताकत है, तो बंद के लिए भी भाड़े के लोग बुला लेते। साथ ही, प्रशासन और पुलिस पर दबाव डालकर बंद को सफल बनवाने की कोशिश भी कर सकते थे।
मीडिया की भूमिका पर भी सवाल
तेजस्वी यादव ने मीडिया पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जब विपक्ष कोई आंदोलन करता है, तब मीडिया चौबीस घंटे डिबेट और कवरेज करता है, लेकिन अब जब सत्ताधारी पार्टी के लोग खुलेआम हिंसा कर रहे हैं, तब वही मीडिया चुप्पी साधे बैठा है। उन्होंने लिखा, “अगर यही काम विपक्ष करता, तो टीवी चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज की बाढ़ आ जाती, लेकिन अब कैमरे भी आंख मूंदे हुए हैं।” इस बयान से यह स्पष्ट है कि विपक्ष अब न केवल बीजेपी की नीति पर सवाल उठा रहा है, बल्कि मीडिया की निष्पक्षता पर भी गंभीर आरोप लगा रहा है।
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