वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के फैसले के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी लंबे समय से तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है। ओडिशा के तालचेर में शनिवार को उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख उसके असली चेहरे को सामने लाता है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर साधा निशाना
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस ने कभी देश की एकता, पहचान और स्वाभिमान के साथ मजबूती से खड़े होने का काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी लगातार तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है और वंदे मातरम् को लेकर लिया गया फैसला भी इसी सोच को दिखाता है। बीजेपी नेता ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि अब कांग्रेस का रुख जनता के सामने साफ हो गया है। हालांकि, कांग्रेस इस मुद्दे पर अपने फैसले को ऐतिहासिक प्रस्ताव और पुरानी परंपरा से जोड़कर देख रही है।
CWC ने 1937 के प्रस्ताव को मानने की बात कही
दरअसल, कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में वंदे मातरम् के गायन को लेकर चर्चा हुई। कांग्रेस ने कहा है कि उसके कार्यक्रमों में 1937 में तय किए गए प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रगीत के शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि उस समय पार्टी के शीर्ष नेताओं की सहमति से जो व्यवस्था तय हुई थी, कांग्रेस उसी का पालन करेगी। उनके मुताबिक, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, रवींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं की मौजूदगी में इस मुद्दे पर सहमति बनी थी।
कांग्रेस ने बैठक में क्या किया फैसला?
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि CWC की बैठक में कार्यसमिति के सदस्यों के साथ स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्य तथा चार मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। उनके मुताबिक बैठक में 88 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया, जबकि 33 नेताओं ने चर्चा में अपनी बात रखी। कांग्रेस का कहना है कि वंदे मातरम् को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट है और 1937 में तय व्यवस्था के मुताबिक ही कार्यक्रमों में शुरुआती दो अंतरे गाए जाएंगे।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद बढ़ा विवाद
वंदे मातरम् को लेकर यह विवाद ऐसे समय बढ़ा है, जब 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए थे। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया था कि वहां राष्ट्रगीत का अपमान हुआ। इसके बाद कांग्रेस के रुख और CWC के प्रस्ताव को लेकर बीजेपी नेताओं ने निशाना साधना शुरू कर दिया। अब धर्मेंद्र प्रधान के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
Read More-जिस स्कूल में CJP के आशुतोष के जाने पर हुआ था बवाल, वहां की हालत देखकर उड़ जाएंगे होश
