कर्नाटक विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। होरट्टी ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि सत्ताधारी कांग्रेस की ओर से इस्तीफा देने के लिए कहे जाने के बाद पद छोड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि आखिर उन्हें पद से हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। होरट्टी के मुताबिक उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया गया है। लंबे समय से विधान परिषद की अध्यक्षता कर रहे होरट्टी के अचानक पद छोड़ने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मुख्यमंत्री से हुई थी बातचीत
इस्तीफे से पहले होरट्टी ने बताया था कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उनसे फोन पर दो बार बातचीत की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें व्यक्तिगत मुलाकात के लिए बुलाया। होरट्टी के अनुसार, मुलाकात में उन्हें बताया गया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उनसे सभापति पद छोड़ने के लिए कहा है। साथ ही यह भी संकेत दिया गया कि अगर वह इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। इस स्थिति के बाद होरट्टी ने टकराव का रास्ता अपनाने के बजाय सम्मान के साथ पद छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी दल ही चाहता है कि कोई व्यक्ति पद पर न रहे तो उस पद पर बने रहना उचित नहीं है।
बोले- घटनाक्रम से मुझे काफी दुख हुआ
बसवराज होरट्टी ने अपने इस्तीफे को लेकर नाराजगी और दुख भी जाहिर किया। उनका कहना है कि वह चाहते थे कि पहले सदन में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखें और उसके बाद इस्तीफा दें। हालांकि, राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। होरट्टी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री और कुछ मंत्रियों ने उनसे कहा कि उन्हें हटाने का निर्णय पार्टी हाईकमान का है। साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उनके प्रति सम्मान होने की बात भी कही। होरट्टी ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे पद पर बने रहना नहीं चाहते, जहां सत्ताधारी दल उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा हो।
कांग्रेस ने नए नामों को दी मंजूरी
बसवराज होरट्टी का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कांग्रेस नेतृत्व ने कर्नाटक में विधान परिषद और विधानसभा के कुछ महत्वपूर्ण पदों के लिए नए नामों को मंजूरी दी है। जानकारी के मुताबिक विधान परिषद के सभापति पद के लिए सलीम अहमद और उपसभापति पद के लिए उमाश्री के नाम को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए जी.एस. पाटिल और उपाध्यक्ष पद के लिए ए.एस. पोन्नाना के नाम पर भी सहमति दी गई है। ऐसे में होरट्टी का इस्तीफा कांग्रेस की आगामी राजनीतिक और सदन से जुड़ी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, होरट्टी ने खुद यह नहीं बताया है कि उन्हें हटाने का वास्तविक कारण क्या है। अब नए सभापति के नाम को लेकर कर्नाटक की राजनीति में आगे की तस्वीर साफ होने का इंतजार है।
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