Homeदेशभवानीपुर चुनाव विवाद में क्या छिपा है बड़ा राज? हाई कोर्ट बोला-...

भवानीपुर चुनाव विवाद में क्या छिपा है बड़ा राज? हाई कोर्ट बोला- CCTV के सभी फुटेज रखें सुरक्षित

भवानीपुर चुनाव परिणाम को लेकर ममता बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा आदेश। कोर्ट ने मतगणना केंद्र के सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को कहा।

-

पश्चिम बंगाल की राजनीति में भवानीपुर विधानसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने भवानीपुर मतगणना केंद्र के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े किसी भी वीडियो रिकॉर्ड को हटाया या नष्ट नहीं किया जा सकता। इस आदेश को चुनाव विवाद की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अदालत ने फिलहाल मामले की अगली सुनवाई दो महीने बाद तय की है। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि यह मामला सीधे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है।

12वें राउंड तक बढ़त, फिर कैसे बदला पूरा समीकरण?

सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी की ओर से पेश वकील कल्याण बनर्जी ने कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने अदालत को बताया कि मतगणना के शुरुआती 12 राउंड तक स्थिति सामान्य थी और ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए थीं। लेकिन इसके बाद अचानक परिणामों का रुख बदल गया। याचिकाकर्ता पक्ष का दावा है कि 13वें राउंड से मतगणना प्रक्रिया में कई असामान्य घटनाएं सामने आईं। अदालत में यह भी कहा गया कि कुछ मतगणना एजेंटों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें केंद्र से बाहर कर दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया कि इस दौरान चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई और संबंधित घटनाओं के सबूत सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो सकते हैं। इसी आधार पर फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल

ममता बनर्जी की ओर से अदालत में चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति और उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। याचिकाकर्ता पक्ष ने दावा किया कि जिन अधिकारियों को लेकर पहले आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर बनाए रखा गया। सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि कुछ अधिकारियों को बाद में राज्य प्रशासन में अहम पद दिए गए। हालांकि इन आरोपों पर अभी अदालत ने कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। कोर्ट फिलहाल उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर मामले की सुनवाई कर रहा है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य आने वाले समय में इस मामले की दिशा तय कर सकते हैं। इसी वजह से सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दो महीने बाद फिर होगी सुनवाई, निगाहें कोर्ट के अगले कदम पर

हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं। ममता बनर्जी की ओर से अदालत से मामले के जल्द निपटारे की मांग भी की गई। उनके वकील ने कहा कि आम लोगों के बीच यह धारणा बन गई है कि चुनाव संबंधी विवाद लंबे समय तक लंबित रहते हैं और उनका समाधान नहीं हो पाता। उन्होंने अदालत से शीघ्र सुनवाई कर स्पष्ट फैसला देने का अनुरोध किया। दूसरी ओर, कोर्ट ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बिना केवल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भविष्य में सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच होती है तो यह मामला नई दिशा ले सकता है। फिलहाल हाई कोर्ट के इस आदेश ने भवानीपुर चुनाव विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है और आने वाले महीनों में इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।

Read more-विधानसभा में थलापति विजय ने अचानक किया ऐसा ‘इशारा’, देखते ही आगबबूला हुई DMK; सदन में मचा वो बवाल

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts