30 हजार फीट की ऊंचाई पर बादलों को चीरता हुआ एक विशालकाय बोइंग 777 विमान लंदन की तरफ तेजी से बढ़ रहा था। पेट के अंदर की धक-धकी को दबाकर यात्री अपनी मंजिलों के सपने संजो रहे थे, लेकिन कॉकपिट के भीतर एक ऐसा भयानक सच छुपा था, जिससे कोई भी वाकिफ नहीं था। अचानक विमान को संभाल रहे तीनों पायलटों के पेट में मरोड़ उठने लगी और वे दर्द से तड़पने लगे। एक-एक करके जब कॉकपिट का हर रक्षक बेसुध होने की कगार पर पहुँच गया, तो हवा में ही मौत का सन्नाटा तैरने लगा। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर के बीच सवाल यह था कि क्या यह विमान सुरक्षित जमीन छू पाएगा या आसमान में ही कोई बड़ा हादसा इंतजार कर रहा है?
कॉकपिट में अचानक फैला खौफ और ऑक्सीजन मास्क
हादसे का यह खौफनाक मंजर हैदराबाद से लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट जा रही ब्रिटिश एयरवेज की करीब साढ़े 10 घंटे लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान में देखने को मिला। यात्रा अपने सामान्य ढर्रे पर चल रही थी कि तभी अचानक मुख्य फर्स्ट ऑफिसर की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें भीषण चक्कर आने लगे और शरीर कांपने लगा। स्थिति इतनी नाजुक हो गई कि उन्हें तुरंत कॉकपिट में ही इमरजेंसी ऑक्सीजन मास्क लगाना पड़ा। इससे पहले कि बाकी दो पायलट कुछ समझ पाते, उनके पेट में भी तेज दर्द और फूड पॉइजनिंग के भयानक लक्षण उभरने लगे। कॉकपिट का तापमान भले ही सामान्य था, लेकिन तीनों चालकों के माथे से ठंडे पसीने की बूंदें छलक रही थीं।
दर्द से तड़पते हाथों ने दी मौत को मात
शरीर में उठते असहनीय दर्द और घटती चेतना के बावजूद दोनों सहयोगी पायलटों ने अपने होश नहीं खोए। उन्हें अच्छी तरह मालूम था कि विमान में सवार सैकड़ों मासूम जिंदगियों की डोर अब सिर्फ उनके हाथों में है। ऑक्सीजन की कमी और शरीर के कमजोर पड़ने के बाद भी उन्होंने अद्भुत संयम, अपनी कड़ी ट्रेनिंग और पेशेवर जज्बे का परिचय दिया। एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए, कांपते हाथों से उन्होंने ऑटोपायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए बेहद सूझबूझ से विमान को संभाला और आखिरकार लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के रनवे पर सुरक्षित लैंड करा दिया।
सुरक्षित लैंडिंग के बाद अस्पताल में भर्ती और जांच शुरू
विमान के रनवे पर रुकते ही मानों चमत्कारी राहत की सांस ली गई। हालांकि, प्लेन के सुरक्षित लैंड होते ही तीनों पायलटों की बची-कुची हिम्मत भी जवाब दे गई और उनकी हालत अत्यधिक बिगड़ गई। एयरपोर्ट पर पहले से मुस्तैद मेडिकल टीमों ने तुरंत कॉकपिट से तीनों को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। ब्रिटिश एयरवेज ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं हुआ और पूरी फ्लाइट के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए एयरलाइन ने इसकी उच्च स्तरीय आंतरिक जांच (Internal Investigation) शुरू कर दी है और पायलटों के मेडिकल सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।
हैदराबाद का लग्जरी होटल या बोतलबंद पानी, कहां हुई चूक?
शुरुआती जांच रिपोर्टों में इशारा किया गया है कि इस पूरी घटना के तार हैदराबाद के उस पांच सितारा होटल से जुड़े हैं, जहां उड़ान भरने से ठीक पहले पूरी क्रू टीम ठहरी हुई थी। पायलटों ने उड़ान से पहले होटल में नाश्ता किया था और लाउंज में कुछ ड्रिंक्स ली थीं। इसके अलावा उन्हें कंपनी द्वारा दी गई पानी की बोतलें भी मिली थीं। आशंका जताई जा रही है कि इसी खान-पान की वजह से वे गंभीर ‘फूड पॉइजनिंग’ का शिकार हुए। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि उस होटल के खाने और सफाई को लेकर पहले भी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं। एयरलाइन अब अपने क्रू के रुकने की व्यवस्था की दोबारा समीक्षा कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा लापरवाही दोबारा न हो।
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