उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों और भरोसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गंगोह थाना क्षेत्र के दौलतपुर छन्नों गांव में रहने वाले इमरान की पत्नी 12 जुलाई को अपने छह महीने के बेटे समीर को लेकर दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। कई दिनों तक इंतजार के बाद 22 जुलाई को गंगोह थाने में महिला और बच्चे की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच शुरू की और मोबाइल लोकेशन के आधार पर महिला की तलाश तेज कर दी। जांच में सामने आया कि महिला की पहचान Instagram के जरिए एक युवक से हुई थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे।
हापुड़ में मिली महिला, लेकिन बेटे का कहीं नहीं था पता
पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो महिला की लोकेशन हापुड़ जिले में मिली। 26 जुलाई को पुलिस ने उसे मुदाफरा गांव से विशाल नाम के युवक के घर से बरामद कर लिया। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह था कि छह महीने का मासूम समीर उसके साथ क्यों नहीं था। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह अपने प्रेमी के साथ रहने के इरादे से घर छोड़कर आई थी। इसी पूछताछ में बच्चे के गायब होने की कहानी सामने आई। महिला के बयान के अनुसार, 12 जुलाई की रात वह मेरठ के सोहराब गेट बस अड्डे पर विशाल से मिली थी। वहीं से बच्चे को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पुलिस और परिवार दोनों को हैरान कर दिया।
‘बच्चे को नहीं रख सकता’… और अगले दिन नाले में मिला शव
जांच में सामने आया कि प्रेमी विशाल ने कथित तौर पर महिला से कहा कि वह बच्चे को अपने साथ नहीं रख सकता। आरोप है कि उसने बच्चे को किसी परिचित के पास छोड़ने का बहाना बनाया और उसे अपने साथ ले गया। अगले ही दिन मेरठ के सोहराब गेट इलाके के एक नाले से छह महीने के मासूम समीर का शव बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। बच्चे के पिता इमरान ने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोनों ने अपने रिश्ते की राह में बच्चे को बाधा समझकर उसे रास्ते से हटा दिया। हालांकि, मामले की सच्चाई पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
जीरो एफआईआर दर्ज, मेरठ पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
पीड़ित पिता की शिकायत के आधार पर सहारनपुर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला मेरठ के नौचंदी थाने को स्थानांतरित कर दिया है, क्योंकि बच्चे का शव मेरठ क्षेत्र से बरामद हुआ था। अब मेरठ पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि सभी सबूतों और बयानों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने सोशल मीडिया पर बने रिश्तों की गंभीरता और उनके संभावित खतरों पर भी नई बहस छेड़ दी है। वहीं मासूम समीर की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
