गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के बिस्तर पर लेटे लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देश के नाम अपना पहला वीडियो संदेश जारी किया है। सफदरजंग अस्पताल से रातों-रात मेदांता शिफ्ट किए जाने के बाद सामने आए इस वीडियो की शुरुआत उन्होंने बेहद ही सस्पेंस भरे और भावुक अंदाज में “मैं अभी भी जिंदा ही हूं” कहकर की। वांगचुक के अनशन का आज 25वां दिन पूरा हो चुका है। इस लंबे उपवास के कारण उनके शरीर में तेजी से कमजोरी आ रही है और अब तक उनका लगभग 11 किलो वजन घट चुका है। वांगचुक ने खुद बताया कि वजन घटने के साथ-साथ अब उनकी मांसपेशियां भी गलने लगी हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके हौसले में कोई कमी नहीं आई है और वे डॉक्टरों की देखरेख में अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं।
लाठियां खाकर भी शांत रहे छात्र, वांगचुक बोले— ‘देखकर मेरा दिल पिघल गया’
अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने मुख्य रूप से उन छात्रों का जिक्र किया जो लद्दाख के अधिकारों की इस मांग में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और बर्बरता ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। वांगचुक ने छात्रों के धैर्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि लाठीचार्ज और उकसावे के बावजूद युवाओं ने शांतिपूर्ण रास्ता नहीं छोड़ा। कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिशों के बाद भी छात्रों का संयम देखकर उनका दिल पिघल गया। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि छात्रों पर हो रहे इन्हीं अत्याचारों के विरोध में उन्होंने अपने अनशन को आगे बढ़ाने का कड़ा फैसला लिया था, ताकि युवाओं की आवाज दबाई न जा सके।
65 सांसदों और मंत्रियों की अपील, पर वांगचुक ने रख दी एक कड़ी शर्त
लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच देश भर से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वांगचुक ने खुलासा किया कि सत्ताधारी दल के मंत्रियों समेत लगभग 65 सांसदों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर करके और व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलकर अनशन खत्म करने का आग्रह किया है। इस पर अपनी बात रखते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि वे खुद भी अस्पताल के बिस्तर से उठकर अपने देश सेवा के काम में वापस लौटना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने अनशन समाप्त करने के लिए सरकार के सामने एक बेहद अहम शर्त रख दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे नेताओं और सांसदों के सम्मान में आज ही अपना अनशन तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते सरकार उनके द्वारा मांगी गई गारंटी को तुरंत स्वीकार कर ले।
सरकार से सीधी मांग: एफआईआर वापस लो और बच्चों पर बल प्रयोग बंद करो
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल मासूम बच्चों और छात्रों पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग तुरंत रोका जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि जिन छात्रों पर मामले दर्ज किए गए हैं या एफआईआर हुई हैं, उन्हें तुरंत रद्द किया जाए ताकि भविष्य में पुलिस या जेल के जरिए किसी भी युवा को परेशान न किया जा सके। वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार आज ही इस बात का लिखित या आधिकारिक आश्वासन दे देती है, तो वे तुरंत अन्न ग्रहण कर लेंगे। अब पूरा देश और राजनीतिक गलियारा इस बात पर टिका हुआ है कि क्या सरकार वांगचुक की इन शर्तों को मानकर 25 दिनों से चले आ रहे इस गतिरोध को खत्म करेगी या यह आंदोलन कोई नया मोड़ लेगा।
