महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की अहमियत और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। पुणे के जाने-माने व्यापारी केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई बेरहमी से हत्या के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जब इस मर्डर मिस्ट्री की कड़ियों को जोड़ रही थी, तब उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि इस वारदात के पीछे की वजह इतनी मामूली और अजीब हो सकती है। पुलिस की गिरफ्त में आई केतन की मंगेतर सिया गोयल ने पूछताछ में एक ऐसा सच कबूला है, जिसे सुनकर तफ्तीश कर रही टीम के पैरों तले से जमीन खिसक गई। इस हत्याकांड ने न सिर्फ पुणे बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
सिर के बाल और वो ‘नकली विग’… मंगेतर को क्यों खटकने लगी केतन की हकीकत?
आरोपी मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया कि केतन अग्रवाल के सिर पर प्राकृतिक बाल नहीं थे और वह अपनी असलियत छुपाने के लिए विग लगाया करता था। सिया को जब केतन के गंजेपन और इस नकली विग की बात पता चली, तो वह अंदर ही अंदर इस शादी के खिलाफ हो गई। वह किसी भी कीमत पर केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। लेकिन इस साधारण सी दिखने वाली समस्या का समाधान रिश्ता तोड़ने या बातचीत करने के बजाय, सिया ने बेहद खौफनाक तरीके से निकालने का फैसला किया। उसने केतन की इस कमजोरी को अपनी नफरत की वजह बना लिया और यहीं से शुरू हुआ केतन को रास्ते से हटाने का एक बेहद खतरनाक और खूनी खेल।
नफरत, नया आशिक और लोहगढ़ किले की वो आखिरी रात
शादी से इनकार करने के लिए सिया ने एक बेहद सोची-समझी साजिश रची। उसने इस बीच चेतन नाम के एक अन्य युवक के साथ नजदीकियां बढ़ाईं और उसके साथ मिलकर केतन को मौत के घाट उतारने का पूरा प्लान तैयार किया। योजना के मुताबिक, केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले के पास बुलाया गया, जहां सुनसान जगह का फायदा उठाकर सिया और चेतन ने मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस साजिश में सिया ने चेतन का इस्तेमाल अपने मोहरे की तरह किया ताकि वह केतन से हमेशा के लिए पीछा छुड़ा सके और पुलिस को इस बात की कानों-कान खबर न हो। हालांकि, कानून के लंबे हाथों से दोनों बच नहीं पाए और सलाखों के पीछे पहुंच गए।
काली करतूत के बाद अपनों ने भी मोड़ा मुंह, सलाखों के पीछे तन्हाई काट रही सिया
इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद अब आरोपी सिया गोयल को अपनों के ही गुस्से और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। लोनावाला ग्रामीण पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद से अब तक सिया से मिलने हवालात में कोई भी नहीं आया है। आमतौर पर ऐसे मामलों में परिवार का कोई न कोई सदस्य कानूनी मदद या खैरियत जानने पहुंचता है, लेकिन सिया के माता-पिता और भाई ने उससे पूरी तरह दूरी बना ली है। घर के तीन सदस्यों में से किसी ने भी पुलिस थाने आकर उसकी सुध नहीं ली। इसके उलट, सह-आरोपी चेतन के पिता जरूर केस का अपडेट लेने थाने पहुंचे थे, जिससे साफ है कि सिया के इस खौफनाक कदम के बाद उसका अपना परिवार भी उससे बेहद शर्मिंदा और नाराज है।
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