पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत के आदेश के बाद हुई। मामला संसद परिसर में किए गए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता बीजेपी नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा हैं। अदालत के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही कोर्ट ने पप्पू यादव को 11 अगस्त 2026 को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की आगे की सुनवाई अदालत में तय तारीख पर होगी।
विरोध प्रदर्शन को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पप्पू यादव ने संसद परिसर में साधु के वेश में विरोध प्रदर्शन किया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस प्रदर्शन के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और साधु-संतों की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर प्रदर्शन किया गया, जबकि उस प्रकरण में जांच और कानूनी कार्रवाई पहले से चल रही थी। इन आरोपों के आधार पर अदालत ने मामले को सुनने के बाद मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
शिकायतकर्ता ने लगाए कई अन्य आरोप
बीजेपी नेता सुशील कुमार मिश्रा ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुईं। शिकायत में यह भी कहा गया कि सांसद के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर पप्पू यादव की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय अदालत और जांच प्रक्रिया के आधार पर ही तय होता है।
अब अदालत की सुनवाई पर टिकी नजर
मामला दर्ज होने के बाद अब सभी की नजर आगामी सुनवाई पर है। अदालत ने सांसद पप्पू यादव को निर्धारित तारीख पर उपस्थित होने के लिए कहा है। इसके बाद अदालत दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करेगी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी मामले में आरोप लगना और दोष सिद्ध होना अलग-अलग बातें हैं। इसलिए आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसकी सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी।
