केतन हत्याकांड: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा मोड़ सामने आया है। मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि इस पूरी वारदात के पीछे सिया गोयल की पहले से बनाई गई साजिश थी। उन्होंने दावा किया कि अगर सिया को शादी नहीं करनी थी तो वह साफ मना कर सकती थी, लेकिन इसके बजाय उसने उनके बेटे की जान लेने की योजना बनाई। पिता के इस बयान के बाद मामले ने नया तूल पकड़ लिया है और जांच की दिशा भी और गंभीर हो गई है।
रिश्ते से लेकर विदेश यात्रा तक की कहानी
परिवार के मुताबिक, केतन और सिया की सगाई फरवरी 2026 में हुई थी और दोनों के बीच सबकुछ सामान्य दिखाई दे रहा था। यहां तक कि दोनों ने बाली (इंडोनेशिया) जाने की योजना भी बनाई थी, लेकिन यात्रा से ठीक पहले केतन का पासपोर्ट संदिग्ध परिस्थितियों में चोरी हो गया, जिससे यह प्लान रद्द हो गया। केतन के पिता ने इस घटना को भी संदेह की नजर से देखा और सवाल उठाया कि एक ही बैग में रखे सामान में से सिर्फ पासपोर्ट कैसे गायब हुआ। इस पूरे घटनाक्रम ने अब शक की परतों को और गहरा कर दिया है।
किले पर मुलाकातें और हत्या की साजिश का दावा
विशाल अग्रवाल ने बताया कि सिया बार-बार केतन को पुणे के लोहागढ़ किले पर ले जाती थी। 31 मई और 5 जून को भी दोनों वहां गए थे और 14 जून को भी एक घटना हुई, जिसमें सिया ने केतन को कथित रूप से धक्का दिया था, लेकिन वह झाड़ियों की वजह से बच गया था। आरोप है कि 18 जून को जन्मदिन के बहाने सिया ने फिर से केतन को किले पर बुलाया, जहां उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की मौजूदगी में उसे धक्का दिया गया। इसके बाद केतन नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में इसे पहले हादसा माना गया था, लेकिन अब इसे सुनियोजित हत्या बताया जा रहा है।
परिवार का दर्द और न्याय की मांग
केतन के पिता ने आरोप लगाया कि सिया ने उनके बेटे को “अपनी इच्छा और स्वार्थ” के चलते खत्म किया है। उन्होंने कहा कि अगर रिश्ता आगे नहीं बढ़ाना था तो इसे खत्म किया जा सकता था, लेकिन इतनी बड़ी साजिश की जरूरत नहीं थी। वहीं केतन की मां ने भी सिया और उसके कथित प्रेमी के लिए सख्त सजा की मांग की है। परिवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अदालत से फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर जल्द से जल्द न्याय देने की अपील की है, ताकि ऐसे मामलों में दूसरों को भी संदेश मिल सके।
