Crime News: बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में एक मामूली पार्किंग विवाद ने देखते ही देखते खौफनाक रूप ले लिया। गुरुवार सुबह सब्जी मंडी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक पिकअप ड्राइवर और सत्तू बेचने वाले के बीच कहासुनी शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बात सिर्फ गाड़ी खड़ी करने को लेकर शुरू हुई थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में विवाद इतना बढ़ गया कि सत्तू बेचने वाले ने धारदार हथियार निकाल लिया। इसके बाद जो हुआ, उसने वहां मौजूद लोगों को सन्न कर दिया। आरोपी ने पिकअप चालक पर जानलेवा हमला करते हुए उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे बाजार में चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
निर्दयता की हद पार, मौके पर ही मौत
मृतक की पहचान नबी हुसैन के रूप में हुई है, जो पास के गांव का रहने वाला था और रोज की तरह मंडी में सब्जी लेने आया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी ने गुस्से में आकर इतना तेज वार किया कि नबी की मौके पर ही मौत हो गई। इस वारदात की क्रूरता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि नबी की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और वह मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
भीड़ का गुस्सा बना दूसरी मौत की वजह
घटना के बाद इलाके में मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बताया जा रहा है कि पुलिस जब आरोपी को हिरासत में लेकर जा रही थी, तभी भीड़ ने उसे घेर लिया। सैकड़ों लोगों ने आरोपी को पुलिस के कब्जे से खींच लिया और उसकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि हालात काबू से बाहर हो गए। देखते ही देखते आरोपी की भी मौके पर ही मौत हो गई। इस तरह एक ही घटना में दो लोगों की जान चली गई। इस घटना ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि पुलिस के सामने ही आरोपी की हत्या हो गई और वे उसे बचाने में असफल रहे।
इलाके में तनाव, जांच में जुटी पुलिस
इस डबल मर्डर के बाद पूरे फारबिसगंज इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते विवाद को शांत करा दिया जाता, तो यह घटना टाली जा सकती थी। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा किस तरह बड़े हादसों का कारण बन सकता है।
