भारत में शिक्षा व्यवस्था और NEET से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे CJP आंदोलन की गूंज अब सीमाओं के पार भी सुनाई दे रही है। पाकिस्तान के कई प्रमुख समाचार चैनल और मीडिया संस्थान इस आंदोलन की लगातार कवरेज कर रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान की पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक कुर्रत-उल-ऐन शिराज़ी ने अपने देश के मीडिया की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पाकिस्तानी चैनल नई दिल्ली में हो रही घटनाओं को लगातार दिखा रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की स्थिति पर उतना ध्यान नहीं दे रहे। उनका कहना था कि देश के मीडिया को अपने यहां के मुद्दों को भी उसी गंभीरता से सामने लाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान में मीडिया की प्राथमिकताओं को लेकर बहस तेज हो गई है।
PoK को लेकर उठाए सवाल
कुर्रत-उल-ऐन शिराज़ी ने अपने पोस्ट में पूछा कि पाकिस्तान का राष्ट्रीय मीडिया आखिर PoK की जमीनी स्थिति पर खुलकर रिपोर्टिंग कब करेगा। हाल के महीनों में PoK में विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आती रही हैं। कुछ स्थानीय समूहों और नेताओं द्वारा पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की भी खबरें आई हैं। हालांकि, इन घटनाओं की कवरेज को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। इसी संदर्भ में शिराज़ी ने कहा कि यदि मीडिया भारत की घटनाओं को विस्तार से दिखा सकता है, तो उसे अपने देश और नियंत्रण वाले क्षेत्रों की खबरों को भी समान महत्व देना चाहिए। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी आंदोलन पर रखी नजर
भारत में चल रहे CJP आंदोलन को कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी अपनी रिपोर्टों में जगह दी है। पाकिस्तान के अखबार डॉन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि छात्र आंदोलन के कारण विपक्ष को सरकार के खिलाफ एक नया राजनीतिक मुद्दा मिला है। वहीं जियो न्यूज ने समाचार एजेंसी AFP के हवाले से विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया और पुलिस कार्रवाई का उल्लेख किया। इसके अलावा अल जज़ीरा ने भी आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें विपक्षी नेताओं की हिरासत और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र किया गया। अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस आंदोलन को भारत की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में प्रस्तुत किया है।
Pakistani television channels are showing what’s happening in India’s New Delhi, but why are these channels unable to show what has been happening in Pak-administered Kashmir? When will the national media show the ground reality in Kashmir?
— Qurrat ul Ain Shirazi (@annie_shirazi) July 21, 2026
आंदोलन पर जारी है बहस
छात्रों से जुड़े इस CJP आंदोलन को लेकर देश और विदेश में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आंदोलन से जुड़े लोग लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपनी मांगों पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से भी विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रिया दी गई है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टिंग और पाकिस्तान में इस मुद्दे पर हो रही चर्चा ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि सभी मामलों में संभव नहीं है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक सूचनाओं और जांच के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित होगा।
