उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अगर आप भी यूपी में रहते हैं और हर महीने अपने बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो इस बार अपना बिल जरा ध्यान से देखिएगा। दरअसल, पावर कॉरपोरेशन ने बिजली बिलिंग सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसने आम जनता को असमंजस में डाल दिया है। एक तरफ जहां उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए बिल को हाईटेक और सुविधाजनक बनाया गया है, वहीं दूसरी तरफ चुपके से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी डाल दिया गया है। इस नए फैसले के बाद से ही बिजली महकमे और जनता के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है।
राहत के बीच आफत: नियामक आयोग के दावे फेल, लगा 10% सरचार्ज
सबसे बड़ा झटका उपभोक्ताओं को बिजली बिल की राशि में देखने को मिल रहा है। यूपी पावर कॉरपोरेशन ने कथित तौर पर बिजली बिलों पर 10 फीसदी का सरचार्ज लागू कर दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि बीते दिनों विद्युत नियामक आयोग ने इस 10% सरचार्ज को पूरी तरह से गलत ठहराया था। इस फैसले के बाद प्रदेश की जनता को उम्मीद थी कि इस महीने उनके बिल में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी और राहत मिलेगी। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट निकली और विभाग की ओर से जारी किए गए नए बिलों में इस सरचार्ज को जोड़कर भेजा जा रहा है। इस ‘साइलेंट’ बढ़ोतरी को लेकर अब विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
दफ्तरों के चक्करों से मिलेगी मुक्ति: अब बिल में दिखेगा पाई-पाई का हिसाब
हालांकि, इस तगड़े झटके के बीच पावर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत देने का दावा भी किया है। अब आपको अपने बिजली बिल की गड़बड़ियों को सुधारने या जानकारी लेने के लिए बिजलीघर के चक्कर नहीं काटने होंगे। विभाग ने नए बिलों को पहले से कहीं अधिक पारदर्शी (Transparent) और यूजर-फ्रेंडली बना दिया है। नए बदलावों के तहत अब उपभोक्ताओं को मिलने वाले बिल में हर छोटे-बड़े खर्च और टैक्स की पूरी जानकारी साफ-साफ शब्दों में लिखी होगी, ताकि किसी भी प्रकार के हिडन चार्ज को लेकर कोई भ्रम न रहे। अभी तक स्पष्ट जानकारी न होने के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशान होना पड़ता था।
QR कोड का कमाल: घर बैठे मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर करें अपडेट
तकनीक को बढ़ावा देते हुए यूपी पावर कॉरपोरेशन ने नए बिजली बिल में एक विशेष स्कैन कोड (QR Code) की सुविधा दी है। यह डिजिटल सुविधा उपभोक्ताओं के लिए बेहद मददगार साबित होने वाली है। इस कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके उपभोक्ता घर बैठे ही बिजली खाते में अपना मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी तुरंत अपडेट कर सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि भविष्य में बिजली कटौती, बिल जनरेशन और भुगतान से जुड़े सभी जरूरी अपडेट सीधे आपके फोन पर मिल जाएंगे। यानी तकनीकी रूप से तो जनता को सहूलियत मिली है, लेकिन इसके बदले में जो 10 फीसदी का अतिरिक्त भार आया है, उसने उपभोक्ताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
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