जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले छात्र आंदोलन के समाप्त होने के बाद अब एक नया सवाल चर्चा का विषय बन गया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के साथ समझौते के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन से यह सवाल पूछा गया कि क्या अब CJP भविष्य में राजनीतिक पार्टी के रूप में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। इस सवाल पर संगठन के नेताओं ने फिलहाल कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि इस समय उनका पूरा ध्यान छात्रों के मुद्दों पर है। CJP ने दोहराया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चलाया गया था।
चुनाव लड़ने के सवाल पर CJP ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका से जब चुनाव लड़ने या राजनीतिक दल बनाने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी इस विषय पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के छात्र जागरूक हैं और आगे क्या करना है, यह समय के साथ तय होगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य केवल छात्रों की आवाज को सरकार तक पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि भविष्य की दिशा पर फैसला परिस्थितियों और संगठन के सामूहिक विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल संगठन ने किसी चुनाव या राजनीतिक अभियान की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
सरकार से समझौते के बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला
सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद CJP ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है, इसलिए अच्छी नीयत के साथ आंदोलन वापस लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, भविष्य में किसी तरह की प्रतिकूल कार्रवाई नहीं करने और अन्य मुद्दों पर सरकार ने भरोसा दिया है। CJP का कहना है कि सरकार ने लिखित आश्वासन देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और तय समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। संगठन ने अपने समर्थकों से अपील की कि अब सभी शांतिपूर्वक अपने घर लौट जाएं और आगे की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से ही लें।
सरकार ने भी दिया भरोसा, अब अगले कदम पर नजर
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बातचीत के बाद कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों की बातों को गंभीरता से सुना है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों, मुआवजे और शिक्षा सुधार से जुड़े सुझावों पर विस्तार से चर्चा हुई है। सरकार ने यह भी कहा कि नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी और छात्रों की चिंताओं को ध्यान में रखकर आगे के फैसले लिए जाएंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार अपने आश्वासनों को किस तरह लागू करती है और CJP भविष्य में किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल संगठन ने राजनीति में आने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन इस मुद्दे पर चर्चाएं लगातार जारी हैं।
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