भारतीय राजनीति में सैनिकों के शौर्य और उनकी शहादत पर एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी तीर चलने शुरू हो गए हैं। इस बार विवाद का केंद्र बना है ‘ऑपरेशन सिंदूर’, जिसे लेकर कांग्रेस और बीजेपी में ठन गई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इस बेहद संवेदनशील सैन्य अभियान में देश के वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान की बात को संसद और देश से छिपाने की कोशिश की। दूसरी तरफ, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश के मनोबल को तोड़ने वाली घटिया राजनीति करार दिया है। बीजेपी का साफ कहना है कि इतिहास गवाह रहेगा कि कैसे विपक्ष ने राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए सेना के सफल ऑपरेशन पर सवाल खड़े किए।
शहादत पर संग्राम: कांग्रेस ने राजनाथ सिंह पर क्यों लगाए गंभीर आरोप?
इस पूरे विवाद की चिंगारी तब भड़की जब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए एक पुराने भाषण का वीडियो क्लिप साझा किया। कांग्रेस का दावा है कि पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो जवाबी कार्रवाई की थी, उसे लेकर संसद में देश को गुमराह किया गया। मुख्य विवाद तब गहराया जब इस ऑपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए छह जांबाज सैनिकों के नाम ‘नेशनल वॉर मेमोरियल’ (राष्ट्रीय समर स्मारक) पर अंकित किए गए। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए रक्षा मंत्री पर आरोप मढ़ दिया कि उन्होंने पहले इन छह जवानों की शहादत से जुड़ी बेहद अहम जानकारियां देश से छिपाई थीं और अब सच सामने आ चुका है।
‘बयान को मरोड़ा, दुश्मन का एजेंडा चलाया’: बीजेपी का विपक्ष पर तीखा पलटवार
विपक्ष के इन तीखे हमलों पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभालते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कई महीनों तक लगातार झूठ फैलाया और अनजाने में या जानबूझकर शत्रु देश (पाकिस्तान) के प्रोपेगैंडा को हवा देने का काम किया है। मालवीय के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान को पूरी तरह से संदर्भ से काटकर पेश किया गया है। रक्षा मंत्री दरअसल उस दुर्भावनापूर्ण अफवाह का खंडन कर रहे थे, जिसमें दावा किया जा रहा था कि भारत ने इस ऑपरेशन में अपने लड़ाकू पायलटों को खो दिया है। बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष ने केवल एक लाइन पकड़कर पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया, जिसके लिए उन्हें सेना और देश से माफी मांगनी चाहिए।
100 से ज्यादा ढेर: क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और कितनी मिली सफलता?
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के बीच बीजेपी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वास्तविक सफलताओं को देश के सामने रखा है। अमित मालवीय ने दावा किया कि यह सैन्य अभियान पूरी तरह से सफल और सटीक रणनीति का हिस्सा था। इस जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने सीमा पार बैठे 100 से अधिक आतंकवादियों और पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को ढेर कर दिया था। इसके अलावा, नियंत्रण रेखा (LoC) के नजदीक स्थित पाकिस्तान के कई सैन्य ढांचों और उनके एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। बीजेपी नेता ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इस पूरे ऑपरेशन के दौरान अपनी बेजोड़ पेशेवर क्षमता, अचूक सटीकता और दृढ़ संकल्प का लोहा मनवाया, जिस पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए।
समर स्मारक पर वीरों के नाम: शहीदों के सम्मान में सरकार का क्या है तर्क?
सरकार और सत्तापक्ष ने साफ किया है कि देश के लिए जान न्योछावर करने वाले किसी भी सैनिक के सम्मान में कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। बीजेपी का कहना है कि जिन छह जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उनका नाम पूरे सैन्य सम्मान के साथ नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी वीरता से प्रेरणा ले सकें। इसके साथ ही, शहीद सैनिकों के परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कल्याणकारी योजनाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का तर्क है कि शहादत को छिपाने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि हमारी सेना का हर एक बलिदान देश के लिए सर्वोपरि है और इतिहास इस बात को हमेशा याद रखेगा।
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