पटना में चल रहे खान सर और कोचिंग संचालक रोशन आनंद से जुड़े विवाद के बीच अब ‘फिजिक्स वाला’ के संस्थापक और जाने-माने शिक्षक Alakh Pandey का बयान सामने आया है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनसे लगातार खान सर पर प्रतिक्रिया देने की मांग की जा रही थी। इस पर उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में किसी दोस्त या साथी का साथ देना जरूरी होता है। अलख पांडे ने कहा कि खान सर ने ऑनलाइन शिक्षा को सस्ता और आसान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी खान सर ने कई पहल की हैं, जिनका फायदा आम लोगों को मिला है।
निष्पक्ष जांच की मांग, बोले- सच सामने आना चाहिए
Khan Sir के समर्थन में बोलते हुए अलख पांडे (Alakh Pandey) ने कहा कि इस मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी खान सर से बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों ने यही बात कही कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। अलख पांडे ने कहा कि अगर जांच में किसी की गलती सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस और प्रशासन निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह शुरुआत से अंत तक खान सर के साथ खड़े रहेंगे।
रोशन आनंद के भाई की मौत पर जताया दुख
अलख पांडे (Alakh Pandey) ने इस मामले से जुड़े दूसरे पक्ष को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कोचिंग संचालक रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि किसी भी परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय होता है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की भी गहराई से जांच हो और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि प्रिंस यादव की मौत नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से अभी तक अंतिम निष्कर्ष साझा नहीं किया गया है।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद 2 जून को उस समय शुरू हुआ, जब पटना में खान सर की कोचिंग संस्था पर कथित हमले की खबर सामने आई। इस मामले में खान सर ने रोशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव समेत कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोशन आनंद को गिरफ्तार किया था। वहीं, प्रिंस यादव के नेपाल जाने और वहां उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया। अब इस पूरे घटनाक्रम पर शिक्षा जगत से जुड़े कई लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे में सभी की नजरें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
Read More-TMC में बगावत? बागी सांसदों को लेकर स्पीकर ओम बिरला ने अचानक रखी मींटिग, दोनो पक्षों को बुलाया
