देश के राजनीतिक गलियारों में पिछले काफी समय से जिस एक जवाब का इंतजार हर किसी को था, वो आखिरकार सामने आ ही गया। आम आदमी पार्टी के सबसे चर्चित चेहरे और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के अचानक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पूरी तरह शांत थे। इस बड़े सियासी उलटफेर पर उन्होंने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था, जिससे बाजार में अफवाहों का दौर गर्म था। लेकिन हाल ही में जब केजरीवाल गोवा के पणजी पहुंचे, तो मीडिया ने उन्हें घेर लिया। पत्रकारों ने जब उनसे सीधा सवाल किया कि ‘राघव चड्ढा के जाने पर आपकी क्या राय है?’, तो केजरीवाल कुछ पलों के लिए ठिठक गए। उनके चेहरे पर एक अजीब सी बेबसी दिखी और उन्होंने बेहद नपे-तुले शब्दों में सिर्फ इतना कहा, “यह सब कुछ बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था।” केजरीवाल के इस छोटे से जवाब ने साफ कर दिया कि पर्दे के पीछे की कहानी कितनी दर्दभरी रही है।
भरोसेमंद साथी की बगावत और आम आदमी पार्टी के भीतर का सूनापन
इस पूरी कहानी की शुरुआत बीते अप्रैल महीने में हुई थी, जब ‘आप’ को इतिहास का सबसे गहरा जख्म मिला। पार्टी के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने अचानक एक साथ पाला बदल लिया और बीजेपी की सदस्यता ले ली। इन सात लोगों में राघव चड्ढा का नाम सबसे बड़ा झटका था। राघव को सिर्फ एक सांसद नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल का दाहिना हाथ और पार्टी का संकटमोचक माना जाता था। केजरीवाल ने पणजी की इस बातचीत में भले ही बहुत कम शब्द इस्तेमाल किए हों, लेकिन उनका ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ कहना यह साबित करता है कि राघव चड्ढा के इस कदम ने उनके भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का भी कहना है कि इस बगावत की उम्मीद खुद केजरीवाल को भी नहीं थी।
ममता की पार्टी में मची भगदड़ और विपक्ष का बिखरता हुआ कुनबा
गोवा की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल सिर्फ अपनी पार्टी के नुकसान पर ही नहीं रोए, बल्कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची भगदड़ का भी खुलकर जिक्र किया। विपक्षी एकजुटता का चेहरा बनने की कोशिश कर रहे केजरीवाल ने इस बहाने केंद्र सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि आज देश में विपक्ष को पूरी तरह से खत्म करने की साजिश चल रही है। चाहे वो आम आदमी पार्टी हो या फिर टीएमसी, हर उस क्षेत्रीय दल को निशाना बनाया जा रहा है जो जनता की आवाज उठा रहा है। केजरीवाल ने चेताया कि अगर विपक्षी दल इसी तरह बिखरते रहे, तो देश का लोकतांत्रिक ढांचा पूरी तरह चरमरा जाएगा।
‘करोड़ों की डील या फिर जेल का डर’… केजरीवाल ने खोला बड़ा राज
भारतीय जनता पार्टी पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी अब एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक ऐसी मशीन बन चुकी है जो साम-दाम-दंड-भेद से सिर्फ सत्ता हथियाना चाहती है। केजरीवाल ने बेहद कड़े शब्दों में कहा, “जनता किसी पार्टी की विचारधारा को देखकर उसे वोट देती है, लेकिन बीजेपी उस जनादेश का मजाक उड़ाती है। उनकी रणनीति साफ है- या तो विपक्षी नेताओं को करोड़ों रुपये का लालच देकर खरीद लो, और अगर कोई बिकने को तैयार न हो, तो उसकी पार्टी को तोड़ने के लिए पीछे से ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का डर दिखाओ।” केजरीवाल के इस बेबाक बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में बीजेपी और ‘आप’ के बीच की यह जंग और ज्यादा आक्रामक होने वाली है।
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