Homeदेश‘ना बंगले पर आएँगे, ना दफ्तर...’ सरकार से बातचीत के लिए CJP...

‘ना बंगले पर आएँगे, ना दफ्तर…’ सरकार से बातचीत के लिए CJP ने रखी ऐसी शर्त, हिल गए प्रशासनिक गलियारे!

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच जारी तनातनी के बीच प्रवक्ता सौरव दास ने बातचीत के लिए नई और सख्त शर्तें रख दी हैं। जानिए सीजेपी ने सरकार को क्या अल्टीमेटम दिया है

-

केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच जारी खींचतान अब एक नए और दिलचस्प मोड़ पर पहुँच चुकी है। एक तरफ जहाँ सरकार गतिरोध खत्म करने के लिए संवाद का हाथ बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के कड़े रुख ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने साफ कर दिया है कि वे सरकार से बातचीत से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन वार्ता किस जगह होगी, इसे लेकर अब नियम वे खुद तय करेंगे। सौरव दास के इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों पक्षों के बीच की राह इतनी आसान नहीं रहने वाली है। हाल ही में दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने भी पार्टी नेतृत्व से संपर्क कर सरकार का संदेश पहुँचाया था, मगर सीजेपी ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि वह अपनी शर्तों से रत्ती भर भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।

झूठ के दावों से शुरू हुई बात, अब टेबल पर आई सरकार

वार्ता के इस नए दौर के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए हैं। प्रवक्ता सौरव दास का कहना है कि शुरुआत में सरकार ने यह अफवाह फैलाने की कोशिश की थी कि सीजेपी खुद गिड़गिड़ाकर बातचीत की भीख माँग रही है। हालाँकि, अब खुद सरकार ने सार्वजनिक तौर पर माना है कि वे वार्ता के लिए तैयार हैं। दास ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का यह कदम साबित करता है कि उनका पिछला दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत था। सुबह-सुबह दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के जरिए मिले सरकार के न्योते का जवाब देते हुए सीजेपी ने अपना रुख सख्त कर लिया है। पार्टी का मानना है कि बंद कमरों का दौर अब खत्म हो चुका है और जो भी बात होगी, वह पूरी पारदर्शिता के साथ जनता और मीडिया की नजरों के सामने होनी चाहिए।

‘जंतर-मंतर आओ या कॉमन प्लेस ढूँढो’, CJP की सीधी चुनौती

बातचीत के वेन्यू को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐसी शर्त रखी है, जिसने मंत्रियों और अधिकारियों को असमंजस में डाल दिया है। सीजेपी ने साफ ऐलान किया है कि उनका कोई भी प्रतिनिधिमंडल किसी मंत्री या नेता के आलीशान बंगले या सरकारी दफ्तर की चौखट पर पैर नहीं रखेगा। प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “हम अपनी बात रखने के लिए किसी नेता की मर्जी वाली जगह नहीं जाएँगे। अगर सरकार को सच में संवाद करना है, तो या तो उनके प्रतिनिधि खुद जंतर-मंतर आएँ या फिर किसी तटस्थ जगह पर मीटिंग रखी जाए, जैसे कि दिल्ली का कांस्टीट्यूशन क्लब।” सीजेपी की इस नई शर्त ने सरकार को बैकफुट पर ला खड़ा किया है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे मुद्दों पर बैठकें सरकारी मंत्रालयों या मंत्रियों के आवासों पर ही आयोजित की जाती हैं।

जेपी नड्डा से हुई थी पहली मुलाकात, क्या निकलेगा कोई हल?

गौरतलब है कि सोमवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के बीच पहली आधिकारिक मुलाकात हुई थी। उस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी के शिष्टमंडल की बातों को सुना था। उस दौरान नड्डा ने आश्वासन दिया था कि सरकार का शीर्ष नेतृत्व उनकी तमाम मांगों पर आंतरिक स्तर पर गंभीरता से विचार-विमर्श करेगा। हालाँकि, पहली दौर की बातचीत के बाद सीजेपी का रवैया और ज्यादा आक्रामक नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीजेपी इस आंदोलन को राजनीतिक बढ़त देने के लिए जंतर-मंतर या कांस्टीट्यूशन क्लब जैसी सार्वजनिक जगहों पर जोर दे रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या केंद्र सरकार सीजेपी की इस शर्त को स्वीकार कर खुले मंच पर आती है, या फिर यह गतिरोध आगे चलकर और बड़ा मोड़ लेगा।

Read more-CJP आंदोलन पर पाकिस्तान में क्यों मची हलचल? अपनी ही मीडिया पर भड़कीं पाकिस्तानी पत्रकार, POK का भी उठाया मुद्दा

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts