गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर चीन की राजधानी बीजिंग में भारत का तिरंगा पूरी शान से लहराता नजर आया। भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने भारतीय दूतावास परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन के अंश पढ़े। इस मौके पर वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों के साथ-साथ दूतावास के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे गर्व के साथ राष्ट्रगान गाया। कार्यक्रम के दौरान “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” के नारों से माहौल पूरी तरह देशभक्ति में रंग गया। दूतावास परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व को सरल और प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया। इस प्रदर्शनी में बताया गया कि किस तरह स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम ने देशवासियों को एकजुट किया और आज भी यह गीत भारतीय पहचान और आत्मसम्मान का प्रतीक बना हुआ है। बीजिंग में यह आयोजन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत प्रदर्शन भी था।
शंघाई में भव्य समारोह, 400 से अधिक लोगों की मौजूदगी ने खींचा ध्यान
चीन की वाणिज्यिक राजधानी शंघाई में भी गणतंत्र दिवस को बड़े ही भव्य और उत्साहपूर्ण तरीके से मनाया गया। यहां भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने तिरंगा फहराया और समारोह का नेतृत्व किया। इस कार्यक्रम में 400 से अधिक लोग शामिल हुए, जिनमें शंघाई में रहने वाले भारतीय प्रवासी, स्थानीय चीनी नागरिक और कई देशों के राजनयिक भी मौजूद थे। खास बात यह रही कि यूरोपीय संघ और अन्य साझेदार देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 20 महावाणिज्य दूत भी इस आयोजन में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डाला गया। समारोह में मौजूद लोगों ने भारतीय परंपराओं, संगीत और मूल्यों को करीब से महसूस किया। शंघाई में आयोजित यह कार्यक्रम भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने का एक अहम मंच साबित हुआ, जहां भारत की सॉफ्ट पावर साफ तौर पर नजर आई।
Embassy of India, Beijing joined by members of Indian community and Friends of India celebrated the #77thRepublicDay & 150th Anniversary of Vande Mataram with great fervour. Ambassador Shri Pradeep Kumar Rawat unfurled the tri-colour flag and read out extracts of Hon’ble… pic.twitter.com/M0aCn4qdcz
— India in China (@EOIBeijing) January 26, 2026
भारत-चीन संबंधों पर फोकस, उड़ानों से लेकर वीजा तक हुई चर्चा
समारोह को संबोधित करते हुए महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने वर्ष 2025-26 के दौरान भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर विस्तार से बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगस्त 2025 में हुई चीन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा आई है। उन्होंने बताया कि शंघाई से भारत के कई शहरों के लिए रोजाना उड़ानों की शुरुआत, पर्यटक वीजा की बहाली और व्यापार व निवेश के नए अवसर दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच आर्थिक सहयोग, निवेश और व्यापार को पारस्परिक लाभ के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। समारोह में मौजूद विदेशी मेहमानों ने भी इन पहलों को सकारात्मक कदम बताया। यह पूरा कार्यक्रम इस बात का संकेत था कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सांस्कृतिक और आर्थिक स्तर पर दोनों देशों के बीच संवाद लगातार जारी है।
संगीत, नेताजी और इतिहास की झलक, कार्यक्रम बना यादगार
शंघाई में आयोजित समारोह में भारतीय संस्कृति के साथ-साथ ऐतिहासिक विरासत को भी खास जगह दी गई। चीनी स्थानीय समुदाय की ओर से मशहूर तबला वादक सुश्री मैंडी चेन ने राग दरबारी पर आधारित हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी, जिसे लोगों ने खूब सराहा। इसके अलावा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष म्यूजिक वीडियो भी जारी किया गया। इस वीडियो का नाम “The Patriot’s Path in Shanghai: Life and Legacy of Netaji Subhas Chandra Bose and Azad Hind Fauj in Shanghai” रखा गया, जिसमें पुराने चीनी फोटो और ऐतिहासिक तथ्यों के जरिए नेताजी के शंघाई से जुड़े जीवन और आज़ाद हिंद फौज की विरासत को दिखाया गया। इस प्रस्तुति ने वहां मौजूद भारतीयों और विदेशी मेहमानों को भावुक कर दिया। पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारत अपनी स्वतंत्रता, संस्कृति और इतिहास को दुनिया के हर कोने में गर्व के साथ प्रस्तुत कर रहा है।
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