पाकिस्तान में तेल संकट लगातार गंभीर रूप ले रहा है। हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। बीती रात 12 बजे से लागू इस वृद्धि के बाद पेट्रोल 458 रुपये प्रति लीटर और डीजल 520 रुपये प्रति लीटर हो गया। यह बढ़ोतरी महंगाई और आर्थिक संकट की आशंका को और बढ़ा रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीती रात ही कई शहरों में पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। लोग महंगे ईंधन से बचने के लिए अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवाने पहुंचे। कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच झगड़े भी देखने को मिले। इस हालात ने पाकिस्तान के आम नागरिकों के जीवन को और कठिन बना दिया है।
सरकार का बयान और तेल की कमी
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कीमतों में वृद्धि की घोषणा करते हुए कहा कि देश में ईंधन की कमी और संसाधनों की अभाव की वजह से यह कदम उठाना पड़ा। मंत्री के अनुसार, यह कदम देश में तेल की उपलब्धता और आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था। इस बढ़ी हुई कीमत के असर से सिर्फ ईंधन ही महंगा नहीं होगा, बल्कि रोजमर्रा की चीजें जैसे कि सब्जी, फल, दूध, आटा और चावल भी महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा उद्योगों पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। कई विश्लेषक मान रहे हैं कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रही तो पाकिस्तान में आर्थिक मंदी की संभावना और बढ़ जाएगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिका को तेल, नागरिकों पर बोझ
इस बढ़ोतरी के पीछे एक और कारण भी बताया। पाकिस्तान ने खाड़ी के देशों से आने वाले तेल के टैंकरों में से अमेरिका को कच्चा तेल भेजा। ईरान ने हर दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो से अधिक पाकिस्तानी जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है। इस सीमा का उपयोग पाकिस्तान अपनी जरूरत के तेल के बजाय अमेरिका को भेज रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यही वजह है कि पाकिस्तान में तेल की कमी और कीमतों में तेजी देखी जा रही है। आम नागरिकों पर भारी बोझ डालते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दीं। इस कदम ने पाकिस्तान में विरोध की भी आग भड़का दी है।
विपक्ष और भारत के साथ तुलना
पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की जनता को महंगाई और संकट झेलना पड़ रहा है, जबकि अमेरिका को कच्चा तेल पहुंचाया जा रहा है। PTI के सांसद मौलाना नसीम शाह ने जनवरी से अप्रैल तक भारत और पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों की तुलना कर यह दिखाया कि भारत में पेट्रोल 95 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि पाकिस्तान में जनवरी में 253 रुपये प्रति लीटर था और अब यह बढ़कर 458 रुपये तक पहुंच गया है। पाकिस्तान की यह स्थिति जनता के लिए चिंता का विषय है और सरकार के फैसलों पर सवाल उठाना जरूरी है। देश की जनता और विपक्षी दल लगातार सरकार की आलोचना कर रहे हैं और महंगाई के बढ़ते दबाव के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
