पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधी चुनौती देकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद को बंगाल की सभी सीटों का उम्मीदवार बताया था, ऐसे में अब उन्हें अपने बयान पर खरा उतरना चाहिए। डेरेक ने साफ शब्दों में कहा कि अगर चुनाव परिणामों में ममता बनर्जी की पार्टी जीत दर्ज करती है, तो प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इस बयान ने चुनावी माहौल में नया मोड़ ला दिया है।
“क्या आपमें हिम्मत है?”—चुनौती से बढ़ा सियासी ताप
डेरेक ओ’ब्रायन ने अपने बयान में सवालिया लहजा अपनाते हुए कहा, “क्या आपमें इतना दम है?” इस एक लाइन ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। टीएमसी का यह आक्रामक रुख साफ संकेत देता है कि पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रही है। दूसरी ओर, भाजपा भी पूरे जोर-शोर से मैदान में है और लगातार चुनावी रैलियों के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बना रही है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प बन गया है।
Narendra, aapne announce kiya tha, Bangal ki sabhi 294 seats par aap hi candidate hain
Badi-badi baat chhodiye. Ye challenge sweekar kijiye
4 May ko jab Mamata Banerjee aur TMC Bangal jeetenge, PRADHAN MANTRI PAD SE RESIGNATION DIJIYE
Hain dum? pic.twitter.com/0i81SHyhOf
— Derek O’Brien | ডেরেক ও’ব্রায়েন (@derekobrienmp) April 29, 2026
मतदान के दौरान हिंसा
दूसरे चरण के मतदान के दौरान राज्य के कई इलाकों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ जैसे क्षेत्रों में झड़प और तनाव की घटनाएं हुईं। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि नदिया जिले के चापड़ा इलाके में एक मतदान केंद्र पर उनके पोलिंग एजेंट पर हमला किया गया। घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह हमला मॉक पोल के बाद हुआ, जब उनके एजेंट को रोका गया और उस पर वार किया गया। इन घटनाओं ने चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिणाम से पहले ही चरम पर पहुंचा सियासी संघर्ष
पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे 4 मई को आने वाले हैं, लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। टीएमसी और भाजपा दोनों ही अपनी जीत के दावे कर रहे हैं और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। डेरेक ओ’ब्रायन की चुनौती ने इस मुकाबले को और अधिक तीखा बना दिया है। अब सभी की नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी और किसकी रणनीति सफल साबित होगी।
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