भारतीय मूल के नीरव डी. शाह ने अमेरिका में सीनेट चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हाल ही में वह मेन राज्य के गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी में शामिल हुए थे, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। अब उन्होंने अमेरिकी सीनेट की सीट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। यह फैसला उस समय सामने आया है जब डेमोक्रेटिक पार्टी के एक उम्मीदवार ने अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद चुनावी दौड़ से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद नीरव शाह का नाम संभावित उम्मीदवारों में तेजी से चर्चा में आ गया है।
कोरोना काल में बने थे पहचान का चेहरा
नीरव शाह पेशे से डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने मेन राज्य के स्वास्थ्य विभाग में अहम जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही थी। बाद में उन्हें अमेरिका की प्रमुख स्वास्थ्य एजेंसी CDC में भी महत्वपूर्ण पद मिला। स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव के कारण उन्हें एक भरोसेमंद चेहरा माना जाता है।
लोगों के इलाज को बनाना चाहते हैं आसान
सीनेट चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए नीरव शाह ने कहा कि वह स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और सस्ता बनाने के लिए काम करेंगे। उनका मानना है कि किसी भी व्यक्ति को इलाज के खर्च की वजह से आर्थिक परेशानी नहीं झेलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जनता का समर्थन मिलता है तो वह आम लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाएंगे। उनकी इस घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
भारत से है खास जुड़ाव
नीरव शाह का जन्म अमेरिका में हुआ, लेकिन उनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं। उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई की है और चिकित्सा तथा कानून दोनों क्षेत्रों में डिग्री हासिल की है। वह कई भाषाएं भी जानते हैं, जिनमें गुजराती भी शामिल है। भारतीय मूल के होने के कारण भारतीय समुदाय में भी उनकी अच्छी पहचान है। अब सीनेट चुनाव में उनकी एंट्री को भारतीय मूल के लोगों के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि डेमोक्रेटिक पार्टी उन्हें आधिकारिक उम्मीदवार बनाती है या नहीं।
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