सोशल मीडिया पर इन दिनों यमुना नदी से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि वृंदावन के पास यमुना नदी में पौराणिक कालिया नाग एक बार फिर दिखाई दिया है। वीडियो में पानी के अंदर एक काले रंग की बड़ी आकृति नजर आ रही है, जिसे देखकर लोग इसे कालिया नाग से जोड़ रहे हैं। जैसे ही वृंदावन का नाम इस दावे से जुड़ा, मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए अलग-अलग दावे कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि यह कोई चमत्कारी घटना हो सकती है, तो कुछ लोग इसे डर और रहस्य से जोड़कर देख रहे हैं। देखते ही देखते यह वीडियो रील्स और पोस्ट के जरिए हजारों लोगों तक पहुंच गया और यमुना नदी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है? दावा क्या किया जा रहा है?
वायरल हो रहे वीडियो में यमुना नदी का शांत पानी दिखाई देता है, जिसके अंदर अचानक एक काली और लंबी सी आकृति नजर आती है। वीडियो में यह आकृति धीरे-धीरे हिलती हुई दिखाई दे रही है, जिससे लोगों को यह किसी बड़े सांप या अजगर जैसी लग रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य वृंदावन क्षेत्र का है और इसे देखकर स्थानीय लोग घबरा गए। कुछ पोस्ट्स में यह भी कहा गया कि इस रहस्यमयी चीज की जानकारी वन विभाग को दी गई है और नदी के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि, अब तक न तो वन विभाग और न ही जिला प्रशासन की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने आया है। ऐसे में यह साफ नहीं हो पाया है कि वीडियो में दिख रही आकृति असल में क्या है।
सोशल मीडिया पर दो राय: आस्था बनाम AI की बहस
इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लोग दो साफ धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं। एक तरफ वे लोग हैं, जो इसे भगवान कृष्ण और कालिया नाग की पौराणिक कथा से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे यूजर्स का मानना है कि वृंदावन और यमुना से जुड़ी ऐसी घटनाएं आस्था से जुड़ी हो सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, बड़ी संख्या में लोग इसे फर्जी या AI से बनाया गया वीडियो बता रहे हैं। कमेंट सेक्शन में मजाकिया प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। किसी ने लिखा, “Jai shree AI”, तो किसी ने कहा, “AI नाग की जय हो”। कुछ यूजर्स का कहना है कि आजकल तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है कि ऐसे वीडियो बनाना मुश्किल नहीं है, इसलिए बिना पुष्टि किसी भी दावे पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
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क्या है सच्चाई? अफवाहों से बचने की जरूरत
फिलहाल इस वायरल वीडियो की सच्चाई को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। न तो यह साबित हुआ है कि वीडियो हाल का है और न ही यह पुष्टि हुई है कि इसमें दिख रही आकृति सच में कोई जीव है। विशेषज्ञों का मानना है कि नदी में बहता कचरा, पेड़ का तना या किसी बड़ी मछली की परछाई भी ऐसे भ्रम पैदा कर सकती है। साथ ही, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई वीडियो एडिटेड या AI जनरेटेड भी हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग किसी भी वायरल दावे पर आंख बंद करके भरोसा न करें। जब तक प्रशासन या किसी आधिकारिक संस्था की पुष्टि न हो, तब तक इस वीडियो को सिर्फ एक वायरल दावा ही माना जाना चाहिए। यमुना और वृंदावन आस्था से जुड़े स्थान हैं, इसलिए यहां से जुड़ी हर खबर भावनाओं को जल्दी छू लेती है, लेकिन सच जानना और अफवाह से दूरी बनाना उतना ही जरूरी है।
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